पांच साल में हरियाणा का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री

नवभारतटाइम्स.कॉम•
haryanas export to double in 5 years cm saini small industries to get boost from new policy
n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव

हरियाणा सरकार ने अगले 5 वर्षों में प्रदेश का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए नई औद्योगिक और MSME व एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी के जरिए छोटे उद्योगों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को गुड़गांव में आयोजित राज्य स्तरीय FTA (मुक्त व्यापार समझौता) वर्कशॉप में विडियो संदेश के जरिए यह लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा का मर्चेंडाइज निर्यात 20 अरब डॉलर से अधिक रहा है। देश के कुल निर्यात में प्रदेश छठे स्थान पर है।
गुड़गांव स्थित होटल ग्रैंड हयात में मंगलवार को आयोजित वर्कशॉप का शुभारंभ प्रदेश के इंडस्ट्री एंड कॉमर्स मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया। इसमें यूरोपीय यूनियन, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बड़े बाजारों में भारतीय उत्पादों के लिए खुल रहे अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के FTA के जरिए 36 विकसित देशों के बाजारों तक पहुंच के नए रास्ते खुले हैं। हरियाणा के ऑटोमोबाइल, IT, टेक्सटाइल, फुटवियर, इंजीनियरिंग और फूड प्रॉडक्ट्स के निर्यात को इससे फायदा मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा प्रोग्रेसिव MSME व एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 में पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमियों, महिला कारोबारियों और ग्रामीण उत्पादकों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वहीं बड़ी कंपनियों को भी निर्यात बढ़ाने पर प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने उद्योगों से छोटे उद्यमियों को अपनी सप्लाई चेन से जोड़ने की अपील की।

उद्योगपतियों और उद्यमियों से लिए सुझाव

राव नरबीर सिंह ने कहा कि नई औद्योगिक और MSME नीति बनाने से पहले उद्योगपतियों और उद्यमियों से सुझाव लिए गए। उनके 70 प्रतिशत से अधिक सुझाव नीतियों में शामिल किए गए हैं। वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने बताया कि FTA से हरियाणा के निर्यातकों को बड़े विदेशी बाजारों में नए अवसर मिलेंगे। उद्योग व वाणिज्य विभाग के कमिश्नर डॉ. अमित के. अग्रवाल ने बताया कि हर जिले में उत्पाद व सेक्टर आधारित कार्यक्रम होंगे। वर्कशॉप में DGFT, ITPO और उद्योग विभाग के विशेषज्ञों ने निर्यात प्रक्रिया, टैरिफ में छूट, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, गैर-टैरिफ नियमों और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी।

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