Flydubai Flight Saved By Pilot 911 Attack Fears Investigation Ongoing
सुरक्षा की समीक्षा
नवभारतटाइम्स.कॉम•
भारतीय पायलट स्मित मच्छार और उन यात्रियों की दुनियाभर में तारीफ हो रही है, जिन्होंने फ्लाई दुबई की फ्लाइट को हादसे से बचाया। इन लोगों की सूझबूझ, हिम्मत और सही समय पर लिए गए फैसलों ने 174 लोगों की जान बचा ली। आशंका व्यक्त की जा रही है कि विमान को हाईजैक करके 9/11 जैसे हमले की कोशिश हो सकती थी। इस्राइल के पीएम बेन्यामिन नेतन्याहू ने तो एक इंटरव्यू में गंभीर आरोप लगाए हैं।
जांच में जल्दबाजी नहीं । विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। UAE ने घटना की परिस्थितियों और आरोपी के संभावित मकसद की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ओमान के आरोपी को-पायलट ने ऐसा कदम क्यों उठाया, क्या इस बारे में साजिश पहले से रची गई थी या किसी ने निर्देश दिए थे? हालांकि अभी ये सवाल ही हैं और किसी नतीजे पर पहुंचने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।तथ्यों पर फैसला । जिस 9/11 से जोड़कर इसे देखा जा रहा है, उसने वैश्विक राजनीति को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया था। इस समय भी कमोबेश वैसे ही हालात हैं। विमान का इस्राइल जाना और उसमें ज्यादातर इस्राइली नागरिकों का सवार होना मामले को बेहद संवेदनशील बना देता है। इसलिए सारी बात तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। कोई भी गलत आकलन पश्चिम एशिया के हालात को और नाजुक बना सकता है। हां, इस घटना के बाद कॉकपिट की सुरक्षा से जुड़े कुछ बुनियादी पहलुओं को जरूर देखा जाना चाहिए।
भीतर से खतरा । वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने कॉकपिट से जुड़े नियमों को मजबूत किया था। बाद में वह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) ने भी अपना ली। दुनियाभर के हवाईअड्डों पर सुरक्षा से जुड़े इंतजाम बेहद कड़े होते हैं। लेकिन, ज्यादातर जगह फोकस बाहरी घुसपैठ रोकने पर है। अगर बाहर के बजाय खतरा कॉकपिट से ही हो तो क्या, जैसा इस केस में हुआ? इस्राइल अपने यहां पायलटों की जांच कड़ी करने जा रहा है।
निष्कर्ष से रास्ता । यह बिल्कुल ही असामान्य स्थिति थी, जिसका समाधान भी असामान्य रहा, पर हर बार ऐसी उम्मीद नहीं कर सकते। सुरक्षा उपायों से लेकर इमरजेंसी से निपटने की चालक दल की ट्रेनिंग तक, हो सकता है कि सब पर नए सिरे से विचार करना पड़े। हालांकि सही जवाब जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करता है।