The Preparation For Success Is Hidden In Delay Know When And Why Delays Happen
कई बार तैयारी का ही हिस्सा होती है देरी
Contributed by: संजय तेवतिया|नवभारतटाइम्स.कॉम•
जीवन में कभी न कभी हम ऐसे दौर से गुजरते हैं, जब लगता है कि हमारी प्रार्थनाएं सुनी नहीं जा रहीं, मेहनत का फल नहीं मिल रहा और जिन चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत है, वे हमसे दूर होती जा रही हैं। कोई उम्मीद बंधती है, तो हमारे मन में हमेशा एक सवाल घूमता रहता है कि हमारी प्रार्थना स्वीकार होने में इतनी देर क्यों हो रही? लेकिन हर देरी अस्वीकार नहीं होती। कई बार वह किसी अनदेखी तैयारी का हिस्सा होती है।
हम चाहते हैं कि सब कुछ हमारी इच्छा, हमारी गति और हमारे तय समय के अनुसार हो। लेकिन, प्रकृति का अपना समय है। बीज बोने के तुरंत बाद वृक्ष नहीं बनता। उसके भीतर जड़ें फैलती हैं, अंकुर फूटता है और धीरे-धीरे पौधा आकार लेता है। यह प्रक्रिया हमें दिखाई नहीं देती, लेकिन उसके बिना वृक्ष का अस्तित्व संभव नहीं। हमारी प्रार्थनाओं और प्रयासों के साथ भी कुछ ऐसा ही है।इसलिए किसी काम में देर हो तो तुरंत यह न मानें कि सब कुछ गलत हो रहा है। इससे मन में निराशा का भाव पनपता है। संभव है, वह देरी आपको किसी ऐसी परिस्थिति से बचा रही हो, जिसका आपको अभी पता नहीं। हो सकता है, जिस अवसर को आप खोया हुआ समय समझ रहे हैं, वह आपको किसी बेहतर दिशा की ओर ले जा रहा हो। यह भी संभव है कि जिस चीज की आप इच्छा कर रहे हैं, उसे संभालने के लिए आपको पहले स्वयं को भीतर से मजबूत करना हो। कभी जो चीज हमें नहीं मिलती है शायद वह हमारे लिए सही ही होती है।
अक्सर हम परिणाम पाने की जल्दी में यह भूल जाते हैं कि तैयारी भी उतनी ही जरूरी है। समय हमें अनुभव देता है, हमारी समझ बढ़ाता है और धैर्य सिखाता है। जब सही अवसर आता है, तब हम उसे पहचानने और उसका उचित उपयोग करने के लिए पहले से अधिक सक्षम होते हैं। देरी विश्वास की भी परीक्षा लेती है, लेकिन इसका अर्थ हाथ पर हाथ रखकर बैठ जाना नहीं। हमें अपना कर्म करते रहना है, जिम्मेदारियां निभानी हैं और पूरी ईमानदारी से प्रयास करना है। देरी का अर्थ हमेशा ‘नहीं’ नहीं होता। कभी-कभी उसका अर्थ होता है- अभी नहीं, सही समय पर।