सभी की जिम्मेदारी

नवभारतटाइम्स.कॉम•
not a firecracker ban but using green firecrackers and following rules is the solution
1 अक्टूबर का संपादकीय ‘बीच का रास्ता’ पढ़ा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं है, क्योंकि इस उद्योग से लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी है। हालांकि, स्वास्थ्य और प्रदूषण से जुड़ी गंभीर चिंताएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। दिल्ली जैसे शहरों में दीपावाली पर हवा जहरीली हो जाती है, जो सांस के मरीजों के लिए घातक है। इसलिए, एकतरफा बैन के बजाय अवैध निर्माण रोककर ग्रीन पटाखों के उपयोग को बढ़ावा देना और तय नियमों का पालन कराना ही एक व्यावहारिक और सही समाधान है। नागरिकों को भी पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होना होगा, तब ही हम परंपरा और सेहत की रक्षा कर सकेंगे। राजेश बंसल, नोएडा