n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : भागीदारी भवन में वरिष्ठ साहित्यकार नरेंद्र भदौरिया की 16वीं पुस्तक अर्णव का विमोचन हुआ। समारोह में भारतीय चिंतन, संस्कृति और चरित्र निर्माण पर विस्तार से मंथन किया गया। मुख्य वक्ता पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि जीवन में धन से ज्यादा जरूरी चरित्र की रक्षा है; धन आता-जाता रहता है, लेकिन चरित्र खोने के बाद जीवन मूल्यहीन हो जाता है। कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक कौशल, संत वैदेही वल्लभ शरण दास, साध्वी दिव्या गिरि, सुधा सिंह, जगतगुरु ओम प्रपन्नाचार्य और वीरेंद्र सिंह ने भी विचार रखे। समापन 'भारत माता की जय' के उद् घोष से हुआ। इस दौरान वेणु रंजन भदौरिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।