साइबर सुरक्षा में सतर्कता जरूरी

नवभारतटाइम्स.कॉम•
cyber security vigilance is the strongest weapon of defense in the digital age
आज डिजिटल सुविधाओं ने जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ा है। डेटा चोरी और ऑनलाइन ठगी अब व्यक्तियों तक सीमित नहीं हैं। बैंक, निजी कंपनियां और सरकारी विभाग भी इनके निशाने पर हैं। ऐसे में सीईआरटी-इन की सलाह हर इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए चेतावनी है। अनजान लिंक खोलने, संदिग्ध ईमेल के अटैचमेंट डाउनलोड करने और लुभावने संदेशों पर भरोसा करने से बचना चाहिए। हर खाते के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण सक्रिय रखें। फोन, कंप्यूटर और ऐप्स अपडेट करते रहें। ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क कर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जागरूकता और सतर्कता ही बचाव का मजबूत आधार हैं।

अंजनी कुमार दाधीच, ईमेल से
 शिकायतों का हो समाधान

जगह ऐसी होनी चाहिए, जहां से जनता की आवाज सत्ता तक पहुंचे। यदि सरकार से सीधे संवाद कर शिकायतों का समाधान हो जाए, तो जंतर-मंतर या अन्य मैदानों में प्रदर्शन की जरूरत क्यों पड़े? डिजिटल युग में सरकार ने हेल्पलाइन, जनसुनवाई और विभिन्न ऐप की सुविधाएं दी हैं। जनता दरबार भी लगते हैं। लोग सोशल मीडिया पर भी अपनी समस्याएं उठाते हैं, लेकिन कई बार समाधान नहीं मिलता। सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जब जनता भटककर हताश हो जाती है, तो आंदोलन का रास्ता अपनाती है। हिंसक आंदोलन लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं। जनता की समस्याएं सुनना और उनका समय पर समाधान करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

-सुधा चौबे, ईमेल से