Air Indias Serious Lapse Pilots Drug Test Positive Questions On Passenger Safety
गंभीर चूक
नवभारतटाइम्स.कॉम•
यात्रा से संबंधित हादसों में एयर ट्रैवल का प्रतिशत 0.01 से भी कम है। रेल या सड़क की तुलना में हवाई यात्रा आज भी बेहद सुरक्षित मानी जाती है। हवाई जहाज पर चढ़ते हुए यात्रियों में यह भरोसा रहता है कि वे जिस सफर के लिए जा रहे हैं, उसमें सुरक्षा के जरूरी उपाय किए गए हैं। ऐसा इसलिए भी जरूरी है क्योंकि किसी और माध्यम की तुलना में यहां गलती की गुंजाइश नहीं के बराबर होती है। ऐसे में एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान पर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
सिस्टम फेल । प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में कुछ सेकंड के भीतर दबाव कम होने की चेतावनी मिली। इसके बाद ऑटोपायलट बंद हो गया। विमान पहले ऊपर गया और फिर 297 फीट नीचे आया। यह सब चंद सेकंड में ही हुआ, लेकिन कई यात्री घायल हो गए और विमान को भी काफी नुकसान पहुंचा है।चिंता का विषय । रिपोर्ट का इससे भी ज्यादा गंभीर पहलू है कमांडिंग पायलट का ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आना। हालांकि स्पष्ट नहीं है कि इस हादसे और पायलट के साइकोएक्टिव टेस्ट में फेल होने के बीच कोई संबंध है या नहीं। पायलट को एयर इंडिया ने बर्खास्त कर दिया है। कई तकनीकी पहलुओं पर स्पष्टता आना बाकी है। विमानों की तकनीकी स्थिति, पायलटों की जांच और नियामकीय निगरानी को लेकर जो चिंता उठी है, उसका समाधान जरूरी है।
हमेशा अलर्ट । इस घटना के बाद सरकार हर पायलट का साल में एक बार रैंडम डोप टेस्ट करने पर विचार कर रही है। अभी केवल 10% का ही रैंडम टेस्ट होता है, जो कई दूसरे देशों से बहुत कम है। हालांकि टेस्ट करा लेना ही काफी नहीं। सुरक्षा उपायों में से यह केवल एक कदम है। इस तरह की सतर्कता हमेशा दिखनी चाहिए।
यात्रियों पर असर । यह घटना इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि अहमदाबाद विमान हादसे की जांच अब भी अधूरी है। ऐसे में नई चूक से यात्रियों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। बेहतर यही होगा कि आगे की जांच जल्द पूरी की जाए और एक्शन हो। बीते एक दशक में भारत के घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में 10-12% सालाना की वृद्धि हुई है। IATA के अनुसार, भारत इसी दशक में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एयर पैसेंजर मार्केट बन सकता है। ये सारे आंकड़े उम्मीद जगाते हैं, पर इसके लिए सुरक्षा पर भरोसा मजबूत होना चाहिए।