बारिश में छाते लगा इसरो का इवेंट देखने पहुंचे लोग

नवभारतटाइम्स.कॉम
people reached with umbrellas even in the rain enthusiasm to witness isros successful launch
n NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

इसरो ने शुक्रवार को जिस उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया, मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने आसमान से नजर रखने वाली आंख करार दिया। बुधवार रात 11:30 बजे शुरू हुई 27 घंटे की उलटी गिनती सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद रॉकेट ने शुक्रवार तड़के 2:55 पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल से तय समय पर उड़ान भरी। सुबह का समय और बारिश भी लोगों के उत्साह को कम न कर सकी। बड़ी संख्या में लोग छाते लगाकर लॉन्च देखने पहुंचे और वैज्ञानिकों का उत्साह बढ़ाया। तीन चरणों वाले और 51.7 मीटर ऊंचे GSLV के तीसरे चरण में क्रायोजेनिक इंजन लगा है और भारी उपग्रह को रॉकेट के ऊपरी हिस्से में स्थापित किया गया है। इससे पहले 12 जनवरी को 16 उपग्रहों को लेकर रवाना हुए इसरो के पीएसएलवी-सी62 रॉकेट में आई ''गड़बड़ी'' के कारण उपग्रहों को तय कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका था। इसरो ने उन अटकलों को खारिज किया है कि यह एक 'टोही उपग्रह' है।
सफल प्रक्षेपण पर पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने मिशन को उत्कृष्ट उपलब्धि बताते हुए इसरो के वैज्ञानिकों और इंजिनियरों को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इसरो की टीम को शुभकामनाएं दीं।