हर महीने 5000 क्राइम सीन संरक्षित: DGP

नवभारतटाइम्स.कॉम
5000 crime scenes protected every month dgp highlights importance of scientific investigation
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना को प्रभावी पुलिसिंग की अहम कड़ी बताते हुए डीजीपी राजीव कृष्णा ने कहा कि प्रदेश में हर माह 5000 क्राइम सीन वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किए जा रहे हैं और वहां से मिले साक्ष्य विधिवत एफएसएल भेजे जा रहे हैं। वह शुक्रवार को यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में क्राइम सीन मैनेजमेंट के छठे प्रशिक्षण बैच के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

छह सप्ताह के प्रशिक्षण में कॉन्स्टेबल से इंस्पेक्टर स्तर तक 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को अपराध स्थल प्रबंधन, साक्ष्य संरक्षण , फरेंसिक तकनीक और वैज्ञानिक विवेचना का प्रशिक्षण दिया गया। डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर स्थापित UPSIFS ने प्रदेश की फरेंसिक क्षमता को मजबूती दी है। भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्य अपराधी से कड़ी जोड़ते हैं, गवाहों पर निर्भरता घटाते हैं और न्याय प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाते हैं। संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि प्रशिक्षण को कौशल आधारित बनाया गया है, जिसमें केस स्टडी और कृत्रिम न्यायालय जैसी नवाचार पद्धतियों का उपयोग किया गया। प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया।