अन्य अफसरों की भूमिका की भी हो रही जांच

नवभारतटाइम्स.कॉम
investigation into role of other officers in jantar mantar protest case begins sub inspector suspended
n NBT रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा

गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में पांच लाख रुपये के निजी मुचलके का नोटिस देने के प्रकरण में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल नोटिस के लिए आख्या तैयार करने वाले उपनिरीक्षक शिवा पांडेय को निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है। वह ईकोटेक-1 कोतवाली प्रभारी, एसीपी ग्रेटर नोएडा-3 और एक अन्य अधिकारी की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
5 लाख के नोटिस को अगले दिन ले लिया था वापस

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि ग्रेनो के कार्यपालक मैजिस्ट्रेट को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर एसीपी डॉ. रवि शंकर मिश्रा के निलंबन की खबर प्रसारित हुई, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ईकोटेक-1 कोतवाली एसीपी-3 के सर्कल में है, जहां तैनात उपनिरीक्षक शिवा पांडेय ने छात्र के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की थी। इसी आधार पर कार्यपालक मैजिस्ट्रेट तृतीय ने चार सितंबर को नोटिस जारी कर पांच लाख रुपये के निजी बंधपत्र पर पाबंद करने का स्पष्टीकरण मांगा था। यह नोटिस अगले दिन वापस ले लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि एसीपी पीपीएस संवर्ग के होते हैं, उनके निलंबन की कार्रवाई शासन स्तर से होती है। अभी शासन से एसीपी के निलंबन या हटाए जाने की कोई सूचना नहीं मिली है।