संन्यास रुकवाने को हथकंडे अपनाते रहे अशोक: मायावती

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n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : बसपा प्रमुख मायावती ने अपने समधी अशोक सिद्धार्थ पर फिर निशाना साधा है। कहा है कि सिद्धार्थ ने काफी दबाव पड़ने के बावजूद तत्काल संन्यास नहीं लिया। वह रातभर इसे रुकवाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहे। वहीं, बसपा नेताओं को खुला ऑफर दिए जाने पर मायावती ने कांग्रेस को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि वह डूबते हुए जहाज की तरह है। उसमें कौन शामिल होकर अपने भविष्य को अंधकार में डालेगा।

बाबा साहेब ने भी कांग्रेस से आगाह किया था : मायावती ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा है कि अशोक सिद्धार्थ को हथकंडों में कामयाबी न मिलने के बाद अगले दिन सुबह किंतु-परंतु के साथ सन्यास की घोषणा करनी पड़ी। उन्हें लगा कि ज्यादा देर होने पर कहीं और बड़ा नुकसान न हो जाए। इसके बारे में सही समय आने पर पार्टी के लोगों को और भी बहुत कुछ बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिनको पार्टी से निकाल दिया जाता है तो उनमें से कुछ लोग दूसरी पार्टियों के हाथों में खेलकर छोटी पार्टियां व संगठन बना लेते हैं। ऐसी पार्टियां बिना किसी गठबंधन के चुनाव नहीं लड़ सकतीं और किसी पार्टी की सरकार में शामिल हुए बिना भी नहीं रह सकतीं। निकाले हुए लोगों को जो अपनी पार्टी में लेने की बात करते हैं या अलग पार्टी बनाने की सलाह देते हैं, तो वे पहले अपने गिरेबान में झांककर जरूर देखें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से दूरी बनाने के लिए तो बाबा साहब ने भी बहुजन समाज के लोगों को आगाह किया था।
नीले कपड़ा नहीं, दिल-दिमाग साफ करें : मायावती ने नीले कपड़ों को लेकर सपा पर पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीएसपी का नीला रंग अब इनके गले का गमछा या कपड़ा पहनने से इनकी संकीर्ण जातिवादी, पूंजीवादी और सामंतवादी सोच बदल नहीं सकती। ये लोग दिल से अंबेडकरवादी नहीं हो सकते। पहले वे बहुजन समाज के प्रति अपना दिल और दिमाग पाक-साफ करें। वैसे भी ये लोग गिरगिट की तरह रंग बदलते रहते हैं। ये कहते कुछ हैं और करते ठीक इसके विपरीत हैं। सपा के PDA के मामले में तो इनकी सोच, चाल, चरित्र व चेहरा दोगला और बेईमान ही रहा है।