UK के बाज़ार में उद्योगों के लिए खुलेंगे नए दरवाज़े : मुख्यमंत्री

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new doors will open for haryana industries in uk market ceta will provide boost
nNBT रिपोर्ट, गुड़गांव

भारत-यूके कंप्रीहेंसिव इकॉनमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) हरियाणा के उद्योगों के लिए ब्रिटेन के बाजार में नए अवसर लेकर आएगा। टैक्सटाइल, फुटवियर, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टरों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इससे हरियाणा के युवाओं, किसानों, MSME और स्टार्टअप्स के लिए भी ग्लोबल मार्केट और नई टेक्नॉलजी से जुड़ने के रास्ते खुलेंगे। यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कही। सोमवार को गुड़गांव पहुंचे सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य 2030-31 तक 5 लाख करोड़ रुपये का नया निवेश लाना और 10 लाख से अधिक रोजगार पैदा करना है। सोमवार को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘हरियाणा-यूके CETA ट्रेड ब्रिज : अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉर्च्युनिटीज फॉर हरियाणा’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत और यूके के रिश्ते लंबे समय से मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, इनोवेशन और लोगों के बीच मजबूत संबंध हैं। हरियाणा के हजारों परिवारों समेत बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों ने यूके के विकास में योगदान दिया है। कार्यक्रम यूके हाई कमीशन के सहयोग से आयोजित किया गया।
2027 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट // में

मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 से 7 अप्रैल 2027 तक ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2027’ होगी। 2016 की समिट में 6 लाख 41 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। उन्होंने बताया कि 23 और 24 अगस्त को मुंबई से ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ इंटरनैशनल आउटरीच कैंपेन शुरू किया गया। 2027 की समिट के लिए जापान, दक्षिण कोरिया, दावोस, जर्मनी, यूके, ब्राजील, चिली और दुबई में रोड शो किए जाएंगे। सैनी ने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, डेटा सेंटर, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्री बिजनेस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे भविष्य के सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए 10 सेक्टर स्पेसिफिक पॉलिसी लागू की गई हैं। हरियाणा ने MSME और एक्सपोर्ट के लिए 60 अहम पहल की हैं। फरवरी-2019 में पहली MSME पॉलिसी लागू होने के बाद प्रदेश में 15 लाख से अधिक MSME का फॉर्मल रजिस्ट्रेशन हुआ है। अब ‘प्रोग्रेसिव MSME एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ लाई गई है। इसके तहत 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने, 5 लाख से अधिक रोजगार देने और राज्य के एक्सपोर्ट को दोगुना करने का लक्ष्य है।