युवाओं का ब्रेनवॉश कर 'आत्मघाती मिशन' के लिए कर रहे थे तैयार

नवभारतटाइम्स.कॉम
nias revelation white collar accused were brainwashing youth for suicidal missions
Bhola.Pandey

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n फरीदाबाद : लाल किले के पास ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कई खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला कि सफेद पोश आरोपी ऐसे युवाओं की तलाश कर रहे थे, जिन्हें धार्मिक और वैचारिक रूप से प्रभावित कर अपने साथ जोड़ा जा सके। मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर उन नवी की कट्टरपंथी गतिविधियों के कारण कई अन्य युवक इस नेटवर्क में शामिल हुए, जिन्हें आगे चलकर आत्मबलिदानी और आत्मघाती मिशनों के लिए तैयार करना था। चार्जशीट के तहत डॉक्टर मुजम्मिल शकील, डाॅक्टर आदिल अहमद और डॉक्टर शाहीन सईद समेत अन्य सदस्य इस नेटवर्क में शामिल हुए थे।

सिग्नल ऐप व टेलीग्राम से होती थी बातचीत

चार्जशीट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि संदिग्ध आतंकियों की बातचीत सिग्नल और टेलीग्राम पर होती थी। जांच एजेंसी ने आरोपियों के डिजिटल उपकरणों और 'सिग्नल' ऐप पर हुई बातचीत के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि नेटवर्क के सदस्य अत्यंत सतर्कता बरतते थे। मोबाइल फोन बंद रखने, चैट को पूरी तरह गुप्त रखने, स्लीपर सेल तैयार करने और इंटरनेट पर अपनी पहचान छिपाने जैसे विषयों पर चर्चा की जाती थी। एजेंसी का दावा है कि बैठकों के दौरान सभी सदस्य अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे, ताकि किसी भी तरह की ट्रैकिंग से बचा जा सके।