चारपाई की रस्सी में उलझ लोड हो गई कार्बाइन, चल गई गोली

नवभारतटाइम्स.कॉम•
carbine entangled in charpai rope fires a bullet questions arise over head constables death
nNBT रिपोर्ट, फरीदाबाद

खेड़ीपुल थानाक्षेत्र के सेक्टर 29 पुल के पास मंगलवार दोपहर कार्बाइन की गोली से हुई हेड कॉन्स्टेबल वीरेंद्र उर्फ गब्बर की मौत के मामले में पुलिस का दावा है कि चारपाई पर आराम करने के दौरान कार्बाइन रस्सी में उलझकर लोड हो गई और गोली चलने से उनकी जान चली गई। बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के पैतृक गांव होडल के गौढ़ोता में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि लोडेड कार्बाइन को हेड कॉन्स्टेबल ने सेफ्टी से लॉक क्यों नहीं किया था।
बता दें कि हेड कॉन्स्टेबल वीरेंद्र परिवार केसाथ सेक्टर 30 में रहते थे। उनकी ड्यूटी एस्कार्ट गार्द में थी। वह नीमका जेल से कैदियों को सिक्यॉरिटी में लाते ले जाते थे। मंगलवार सुबह उन्हें ड्यूटी पर जेल जाना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। सेक्टर-29 पुल के पास बने एक झोपड़ी में रुक कर आराम कर रहे थे। उनके पास कार्बाइन गन भी थी। दोपहर करीब साढ़े 12 और 1 बजे के बीच अचानक कार्बाइन से गोली चल गई और उनकी छाती में जा लगी। जिससे उनकी मौत हाे गई।

खेड़ीपुल थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मृतक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा था। वह सेक्टर 29 पुल के पास बने झोपड़ी में बनी चारपाई पर आराम करने लगा था। थाना प्रभारी का दावा है कि इसी दौरान लोडेड कार्बाइन रस्सी में फंसकर कॉक हो गई और गोली चल गई। सवाल यह उठता है कि लोडेड कार्बाइन को हवलदार ने सेफ्टी पिन से लॉक क्यों नहीं किया था। इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है। एक्सपर्ट कहते हैं कि कॉक होने के बाद भी बगैर सेफ्टी लॉक हटाए फायर नहीं हो सकता। फिलहाल किस स्तर पर लापरवाही बरती गई, इसकी जांच होने की जरूरत है।