पहला हार्ट ट्रांसप्लांट

नवभारतटाइम्स.कॉम•
worlds first heart transplant a historic surgery that changed medicine
दक्षिण अफ्रीका के क्रिश्चियन बर्नार्ड बचपन से ही साधारण परिस्थितियों में पले-बढ़े थे। उन्होंने हार्ट सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की। 1967 तक वह केपटाउन के प्रमुख हार्ट सर्जन में गिने जाने लगे। दिसंबर 1967 में डेनिस डार्वाल नाम की एक 25 वर्षीय युवती सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई। डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। उसके पिता ने अपनी बेटी के हृदय और अन्य अंगों को दान करने की अनुमति दे दी। दूसरी ओर 53 वर्षीय लुई वॉशकैंस्की गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे थे और उनका बचना लगभग नामुमकिन था। डॉ. बर्नार्ड ने हार्ट ट्रांसप्लांट का रास्ता चुना। उनके और उनकी टीम के लिए काम नया और बेहद जटिल था। लगभग 9 घंटे की सर्जरी के बाद 3 दिसंबर की सुबह वह क्षण आया, जब डेनिस का हृदय वॉशकैंस्की के सीने में धड़कने लगा। यह दुनिया का पहला मानव-से-मानव हृदय प्रत्यारोपण था। हालांकि वॉशकैंस्की केवल 18 दिन जीवित रहे। संक्रमण के कारण उनकी मौत हो गई। लेकिन, उसके बाद हार्ट ट्रांसप्लांट की सफलता दर बढ़ती गई और आज यह गंभीर हृदय रोग के उपचार का स्थापित विकल्प है।