Badaun Cow Shelters Death 34 Die Due To Waterlogging And Cold Several Officials Suspended
बदायूं की गोशालाओं में गायों की मौत, कई पर ऐक्शन
Contributed by: deep.singh|नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : बदायूं की गोशालाओं में बड़ी संख्या में गायों की मौत हो गई। यह मौत गोशालाओं में पानी भरने के कारण ठंड लगने से हुई। प्रशासन ने दो गोशालाओं में 34 गायों की मौत की बात स्वीकार की है। हालांकि, यह आंकड़ा और ज्यादा बताया जा रहा है। इस मामले में कई कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। वहीं, गोशालाओं का संचालन करने वाले एनजीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है।
पानी भरने और ठंड से हुई मौतें : बदायूं में सालारपुर ब्लॉक की ब्योर और म्याऊं की अभिगांव सहित कुछ गोशलााओं में गायों की मरने की सूचना मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और बजरंगदल के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। उनका आरोप है कि लगभग 100 गायें मरी हैं। पशुपालन विभाग के डॉक्टरों सहित जिले के कई बड़े अफसर भी वहां पहुंचे, तुरंत इलाज शुरू किया गया। अधिकारियों का कहना है कि म्याऊं की गोशाला में 20 और अभिगांव की गोशाला में 14 गायों की मौत हुई है। बाकी को इलाज के बाद बचा लिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि गायों की मौत हाइपोथर्मिया से हुई है। इसमें लंबे समय तक ठंड में रहने से शरीर का तापमान गिरने लगता है। दरअसल, गोशालाओं में पानी भरने के वजह से यह स्थिति हुई।इन पर हुआ ऐक्शन : इस बारे में जिलाधिकारी बदायूं अवनीश राय का कहना है कि कुल 34 गायों की मौत हुई है। ग्राम पंचायत सचिव अभिगांव, खंड विकास अधिकारी म्याऊं और सालारपुर को सस्पेंड कर दिया गया है। पशु चिकित्साधिकारी म्याऊं और सालारपुर को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई है। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अब्दुल रहीम को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जिले की सभी गोशालाओं की जांच के लिए दो कमिटी गठित की गई हैं।
कार्रवाई से डॉक्टर नाखुश : कार्रवाई से पशु चिकित्सकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि डॉक्टर तो सूचना मिलते ही इलाज के लिए पहुंचे और कई गायों को बचा लिया गया। इतने दिन से पानी भर रहा था, इसके लिए डॉक्टर जिम्मेदार नहीं हैं। गोशालाओं की देखरेख का जिम्मेदार ग्राम पंचायत और ग्राम्य विकास विभाग का है।