'रिसर्च का मूल्यांकन सामाजिक प्रभाव से हो'

नवभारतटाइम्स.कॉम•
csir cimap 85th foundation day research evaluation by social impact new varieties released
nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : सीएसआईआर-सीमैप में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस वैज्ञानिक नवाचार और उद्योग सहभागिता के संदेश के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि एसजीपीजीआई की डॉ. बनानी पोद्दार ने मरीजों की गरिमा और संवेदनशील देखभाल पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. अखिलेश गुप्ता ने कहा कि भविष्य में शोध का मूल्यांकन सामाजिक और नीतिगत प्रभाव से होगा। निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने बताया कि संस्थान अब तक 160 से अधिक पादप किस्में व तकनीकें विकसित कर चुका है। इस दौरान डॉ. पूजा खरे की टीम द्वारा विकसित 'CIM-VAB' तकनीक का विमोचन हुआ, जो वेटिवर (खस) के अपशिष्ट को उपयोगी बायोचार में बदलती है।

ज्यादा उपज, बेहतर तेल
कार्यक्रम के मौके पर डॉ. गुंजन तिवारी और उनकी टीम की विकसित ‘सिम-कस्तूरी’ मुस्कदाना की किस्म का विमोचन हुआ है। यह उत्तरी भारत के लिए मुस्कदाना की उच्च उपज वाली किस्म है। इसमें बेहतर बीज उत्पादन और उच्च गुणवत्ता वाले आवश्यक तेल की विशेषता है। इससे किसानों को सुगंधित एवं औषधीय फसल के रूप में मुस्कदाना की खेती से बेहतर उत्पादन और संभावित आय का अवसर मिल सकता है।

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