Fenugreek Vegetable Fined In School What Is The Whole Matter
कटघरे में मेथी
नवभारतटाइम्स.कॉम•
वाकई कुछ घटनाएं सिर्फ अपने देश में ही घट सकती हैं। मानो कि हमने मूर्खताओं का कोई कॉपीराइट कर रखा हो। मुंबई से सटे एक उपनगर के एक स्कूल में एक बच्चे पर इसलिए जुर्माना लगा दिया गया क्योंकि वह अपने टिफिन में मेथी की सब्जी लेकर आया था। जी हां, मेथी की सब्जी! वही मेथी, जो हमारे घरों में कभी पराठे में डालकर खाई जाती है, तो कभी सब्जी बनाकर परोसी जाती है। बच्चों को खास तौर पर कहा जाता है, ‘हरी सब्जी खाओगे, तो तंदुरुस्त हो जाओगे...।’ लेकिन हद है कि मेथी को ही कटघरे में खड़ा कर दिया गया। स्कूल प्रशासन ने बच्चे को बताया कि यह एक ‘खास महीना’ है और इस दौरान मेथी खाना वर्जित है। यानी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जाएगा कि पौधों में प्रकाश संश्लेषण कैसे होता है, लेकिन टिफिन में कौन-सी सब्जी रहेगी, इसका फैसला स्कूल प्रशासन करेगा। प्याज-लहसुन तो पहले से संदेह की निगाह में थे, अब मेथी भी सवालों के घेरे में आ चुकी है!
बेचारी मेथी सोच रही, ‘उसने किसी का क्या बिगाड़ा?’ न किसी से धर्म पूछा, न जाति। खेत में उगी और फिर स्वादिष्ट सब्जी बनकर टिफिन में पहुंच गई। डॉक्टर ने कुछ दिन पहले ही बच्चे की मां से कहा था कि इसे खूब हरी सब्जियां खिलाओ। मेथी खिलाओ, पालक और बथुवा खिलाओ। बच्चे की सेहत बनाओ...। मां ने हरी सब्जी खिलाने की शुरुआत मेथी से की। लेकिन, यह क्या कि बच्चे पर जुर्माना लगा दिया गया। मेथी चिंतित है कि आज उसकी वजह से जुर्माना लगा, कल पालक और परसों बथुवे की वजह से लग सकता है। इसीलिए मेथी की पुरजोर मांग है कि जिन्होंने उसे कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की, अब कोर्ट उन्हें कटघरे में खड़ा करे।