Nps To Get Scheme As Per Risk Appetite Pfrda Bringing New Suitability Platform
NPS में रिस्क क्षमता देखकर मिलेगी स्कीम, नया प्लैटफॉर्म लाने की तैयारी
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT रिपोर्ट: पेंशन प्रोडक्ट्स को लेकर नियम-कायदों के सुरक्षा घेरे मजबूत करने और ग्राहकों को बेहतर विकल्प देने के मकसद से पेंशन फंड नियामक PFRDA एक सूटेबिलिटी (Suitability) प्लैटफॉर्म लाने की तैयारी कर रहा है। TOI के मुताबिक, यह प्लैटफॉर्म NPS (नैशनल पेंशन सिस्टम) सब्सक्राइबर्स की जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करेगा और स्कीम चुनने से पहले उनसे इससे जुड़े जरूरी सवाल पूछेगा।
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के चेयरमैन एस. रमण ने कहा, हमारा पूरा फोकस इस बात पर है कि प्रोडक्ट ग्राहक की जरूरत के हिसाब से हो और उसकी रिस्क लेने की क्षमता का पता चले। चाहे CRA प्लैटफॉर्म हो या NPS ट्रस्ट का प्लैटफॉर्म, हर जगह सब्सक्राइबर्स से सही सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि, स्कीम का आखिरी चुनाव उनका अपना ही होगा। लेकिन हमारा काम उनकी रिस्क क्षमता को बेहतर तरीके से समझना और तय करना है।रमण ने कहा कि ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से सही विकल्प देने का एक जरिया लाइफसाइकल प्रोडक्ट्स भी हैं। NPS में रिस्क ऐपेटाइट के आधार पर चार लाइफसाइकल ऑप्शन उपलब्ध हैं। इनमें जैसे-जैसे सब्सक्राइबर की उम्र बढ़ती है, पैसों का निवेश अपने आप बदल जाता है।
क्या कहती है स्टडी? :एक स्टडी के मुताबिक, भारतीयों की औसत उम्र बढ़ रही है और यह 78 साल तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ औसतन परिवार का आकार घटकर 4.4 सदस्यों का रह गया है। इसके बावजूद, देश में पेंशन का दायरा अभी भी 17 से 18 फीसदी के निचले स्तर पर बना हुआ है।
क्या हुआ है बदलाव? : अध्ययन के मुताबिक, रिटायरमेंट के लिए NPS को गंभीरता से चुनने वाले लोगों का आंकड़ा 2023 के मुकाबले 6 पॉइंट बढ़कर 59 पर पहुंच गया है। वहीं, बचत के मुख्य कारणों में बच्चों की पढ़ाई का स्थान अब इमरजेंसी सेविंग्स ने ले लिया है।
EPF सीमा का असर? :रमण ने कहा कि EPF की सीमा बढ़ने से NPS पर कोई असर नहीं पड़ेगा, कर्मचारी इस सीमा के बाद भी अन्य विकल्पों में निवेश कर सकते हैं।