मतदाताओं का विश्वास

नवभारतटाइम्स.कॉम•
questions arising on election commission how to restore voter confidence
यह पत्र 29 सितंबर को प्रकाशित लेख ‘वोटर्स के मन की शंका मिटानी होगी’ से संबंधित हैं। देश का चुनाव आयोग सबसे निष्पक्ष संस्था माना जाता है और ऐसे में अगर इस पर कोई सवाल उठता है तो नागरिकों के मन में शंका पैदा होना स्वाभाविक है। इतना ही नहीं, निर्वाचन आयोग पर उठने वाले सवालों से आम नागरिकों के विश्वास को भी ठेस पहुंचती है। लेख में सही कहा गया है आरोपों का बयान सिर्फ राजनीतिक बयान के रूप में नहीं बल्कि डेटा और दस्तावेजों के साथ देना चाहिए ताकि मतदाताओं का विश्वास भी बना रहे। SIR के तहत किसी भी पात्र मतदाता का नाम ना कटे और उन्हें परेशानी न हो।

पैंथर तोमर, किशन गंज