राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने की सख्त कार्रवाई की मांग, निष्पक्ष जांच पर जोर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने की सख्त कार्रवाई की मांग, निष्पक्ष जांच पर जोर
NewsPoint•
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों के बीच, तपस्वी छावनी के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने सोमवार को कहा कि मंदिर से जुड़े किसी भी दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी जांच को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। परमहंस आचार्य ने आईएएनएस से कहा, "राम मंदिर आस्था का केंद्र है और दुनिया भर के लोगों की इसमें गहरी श्रद्धा है। अगर किसी ने राम मंदिर से जुड़ी कोई गंभीर गड़बड़ी की है, तो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। ऐसे मामले में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।" उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इंडी गठबंधन के कहने पर कोई जांच नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उन लोगों पर भी सवाल उठाए जिन्होंने राम मंदिर का विरोध किया है और कभी वहां गए भी नहीं हैं, उनका मंदिर से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, वे केवल मंदिर को बदनाम करना चाहते हैं और भक्तों के मन में भ्रम पैदा कर रहे हैं।
इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर परिसर का दौरा किया। उन्होंने परिसर के भीतर कई मंदिरों में पूजा-अर्चना की और मंदिर के दान गिनती केंद्र तथा तीर्थयात्री सेवा केंद्र का भी निरीक्षण किया। आईएएनएस से बात करते हुए दिनेंद्र दास ने कहा, "राम लला के मंदिर में सभी अनुष्ठान और पूजा-पाठ सुचारू रूप से चल रहे हैं। सब कुछ ठीक से काम कर रहा है और कोई समस्या नहीं है। यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला है और ट्रस्ट जो भी निर्णय लेगा, वह हमें स्वीकार्य होगा। इसके अलावा हमें और कुछ नहीं कहना है।"वहीं, सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने इस मुद्दे को "बेहद गंभीर और अत्यंत संवेदनशील" बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा, "राम मंदिर से जुड़ा मुद्दा बेहद गंभीर और अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए, पूरे हिंदू समुदाय, अयोध्या के निवासियों और बाकी सभी की एक ही मांग है: इस मामले की निष्पक्ष जांच हो। ऐसी निष्पक्ष जांच केवल सुप्रीम कोर्ट ही सुनिश्चित कर सकता है। आज एक याचिका दायर की गई है और आज ही उस पर सुनवाई होनी है।"
राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच, यह मामला अब और गरमा गया है। जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने स्पष्ट कर दिया है कि आस्था के इस केंद्र से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर मंदिर की छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जो लोग मंदिर के विरोधी रहे हैं, उन्हें इस मामले पर बोलने का कोई हक नहीं है। वे सिर्फ भक्तों के बीच गलतफहमी फैलाना चाहते हैं।
दूसरी ओर, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने मंदिर परिसर का दौरा कर सब कुछ ठीक होने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में पूजा-पाठ और अन्य सभी कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला है और ट्रस्ट जो भी फैसला लेगा, वह सबको मान्य होगा।
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने इस पूरे मामले को बहुत ही नाजुक बताया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ अयोध्या या हिंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए संवेदनशील है। इसलिए, उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका मानना है कि केवल सुप्रीम कोर्ट ही इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में एक याचिका दायर की गई है और उस पर आज ही सुनवाई होनी है।
यह पूरा मामला राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा है, जहां कुछ गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। इस पर अलग-अलग साधु-संतों और ट्रस्ट के सदस्यों के बयान सामने आ रहे हैं। जहां कुछ लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे ट्रस्ट का आंतरिक मामला बता रहे हैं। लेकिन सभी की एक ही उम्मीद है कि इस मामले की सच्चाई सामने आए और दोषियों को सजा मिले। यह देखना दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाता है।