विधात्री बंदी ने पिता के निधन के बाद 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' की शूटिंग पर की बात

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Navbharat Times
मुंबई, 13 जुलाई। अभिनेत्री विधात्री बंदी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले उन्होंने अपने पिता को खो दिया था, लेकिन इस गहरे दुख के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और कैमरे के सामने अपने किरदार को निभाने की कोशिश की। एक खास बातचीत में विधात्री ने उस मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि कैसे वे अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थीं, लेकिन निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति और को-स्टार सिद्धार्थ मेनन के सहयोग से वे इस सदमे से उबर पाईं और अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकीं। यह रिलेशनशिप ड्रामा फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

विधात्री बंदी ने बताया कि उनके पिता का निधन फिल्म की तैयारी शुरू होने से करीब डेढ़ से दो हफ्ते पहले हुआ था। ऐसे मुश्किल समय में किसी भी काम पर ध्यान लगाना उनके लिए बेहद कठिन था। उन्होंने कहा, "मैंने उस समय अपने पिता को खो दिया था। उनके निधन के करीब डेढ़ या दो हफ्ते बाद ही हमने फिल्म की तैयारी शुरू कर दी थी। जब मैं शूटिंग के लिए सेट पर पहुंची, तब मैं पूरी तरह सुन्न हो चुकी थी। अंदर से इतनी टूट गई थी कि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है।"
इस दर्द का असर उनके काम पर भी साफ दिख रहा था। विधात्री ने बताया कि फिल्म में उनका किरदार बहुत ही खूबसूरती से लिखा गया था, लेकिन शुरुआत में वे उस किरदार की भावनाओं को समझ नहीं पा रही थीं। उन्हें उस किरदार के जीवन, उसकी सोच और उसकी भावनाओं को समझने में थोड़ा समय लगा। शुरुआत में यही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।

हालांकि, धीरे-धीरे हालात बदलने लगे। विधात्री ने बताया कि फिल्म के निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति, जिन्हें लोग प्यार से पैडी भी कहते हैं, और उनके को-स्टार सिद्धार्थ मेनन ने इस मुश्किल समय में उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा, "धीरे-धीरे मुझे अपने काम की लय मिल गई। इसका पूरा श्रेय हमारे निर्देशक और सिद्धार्थ को जाता है। सिद्धार्थ ऐसे कलाकार हैं, जो अपने साथ काम करने वाले कलाकार की हर तरह से मदद करते हैं। उनके साथ काम करना बहुत आसान रहा। शुरुआत में मुझे परेशानी हुई, लेकिन इन दोनों की वजह से मैं उस दौर से बाहर निकल सकी।"

विधात्री ने यह भी कहा कि किसी भी कलाकार के लिए निजी जिंदगी के दुख और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। लेकिन अगर पूरी टीम साथ दे, तो मुश्किल समय से बाहर निकलना थोड़ा आसान हो जाता है। उन्होंने अपने निर्देशक और को-स्टार की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यह संभव नहीं था।

बता दें कि ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ एक रिलेशनशिप ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म का निर्देशन पद्मकुमार नरसिम्हमूर्ति ने किया है। फिल्म में सिद्धार्थ मेनन, विधात्री बंदी, नफीसा अली, नासिर, मंदिरा बेदी और मेधा शंकर जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म दर्शकों को एक भावनात्मक सफर पर ले जाने का वादा करती है, जहां प्यार, नुकसान और उम्मीद की कहानियां बुनी गई हैं। विधात्री की यह फिल्म उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत मायने रखती है, क्योंकि उन्होंने अपने पिता के निधन के दुख को झेलते हुए भी इस फिल्म को अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। यह फिल्म न केवल एक कहानी है, बल्कि एक कलाकार के जज्बे और समर्पण का भी प्रतीक है।