कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत में एक दिन का राष्ट्रीय शोक

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Navbharat Times
मुंबई, 13 जुलाई। कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने सोमवार को एक दिन का राष्ट्रीय शोक मनाया। इस दौरान महाराष्ट्र, केरल और नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। शेख हमद का रविवार को निधन हो गया था।

राष्ट्रीय शोक के चलते सोमवार को राष्ट्रपति भवन, मुंबई स्थित मंत्रालय और केरल के सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। केरल के लिए यह शोक विशेष मायने रखता है, क्योंकि राज्य के कई लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं और वहां से उनके गहरे आर्थिक और व्यक्तिगत संबंध हैं। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, केरल सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जिन सरकारी इमारतों और संस्थानों पर रोज झंडा फहराया जाता है, वहां झंडा आधा झुकाया जाए। जिला कलेक्टरों को अपने-अपने इलाकों के सभी सरकारी दफ्तरों को राष्ट्रीय शोक की जानकारी देने और भारतीय ध्वज संहिता के नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया, “भारत सरकार ने कतर के फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के सम्मान में 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस दिन पूरे भारत में उन सभी सरकारी और अन्य भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, जहां नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है। साथ ही, इस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।”

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर जा सकते हैं। वहां वे भारत सरकार की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर दुख जताया था। उन्होंने कहा था कि शेख हमद एक दूरदर्शी नेता थे। उनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भारत का सच्चा दोस्त भी बताया।

शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने साल 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के तौर पर शासन किया। साल 2013 में उन्होंने अपनी सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल-थानी को सौंप दी थी।

यह राष्ट्रीय शोक कतर के पूर्व अमीर के प्रति भारत के सम्मान को दर्शाता है। उनके निधन से भारत और कतर के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हुआ है। शेख हमद के कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी तरक्की की, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान को मजबूत किया। भारत के साथ भी उनके कार्यकाल में कतर के संबंध और मजबूत हुए।

इस राष्ट्रीय शोक के दौरान, देश भर में सरकारी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया था। यह कदम भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दिखाता है। कतर जैसे महत्वपूर्ण खाड़ी देश के पूर्व शासक के प्रति यह सम्मान भारत की कूटनीतिक परिपक्वता का प्रतीक है।

केरल जैसे राज्यों में, जहां खाड़ी देशों से लोगों का जुड़ाव अधिक है, इस शोक का भावनात्मक महत्व भी था। वहां के लोगों ने भी अपने तरीके से पूर्व अमीर को श्रद्धांजलि दी। यह दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय घटनाएं स्थानीय समुदायों को भी प्रभावित करती हैं।

कुल मिलाकर, कतर के पूर्व अमीर के निधन पर भारत का एक दिन का राष्ट्रीय शोक, एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हस्ती के प्रति सम्मान व्यक्त करने और भारत के कतर के साथ मजबूत संबंधों को रेखांकित करने का एक तरीका था। यह घटना भारत की विदेश नीति के उस पहलू को भी उजागर करती है जहां वह अन्य देशों के नेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने में पीछे नहीं रहता।