बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? जानें डॉक्टर की सलाह और सही तरीका
बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? जानें डॉक्टर की सलाह और सही तरीका
NewsPoint•
मानसून आते ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बुखार। ऐसे में कई लोग मानते हैं कि बुखार में नहाना नहीं चाहिए, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। डॉक्टर बताते हैं कि बुखार में सही तरीके से गुनगुने पानी से नहाने से शरीर को आराम मिलता है और व्यक्ति बेहतर महसूस करता है। बुखार कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर का एक चेतावनी संकेत है जो बताता है कि शरीर संक्रमण से लड़ रहा है। इसलिए सिर्फ दवा से बुखार कम करना काफी नहीं, बल्कि इसके असली कारण का पता लगाना भी जरूरी है।
बुखार में नहाना: क्या है सही तरीका?जब किसी को बुखार आता है, तो अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग सलाह देते हैं कि इस समय नहाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे बुखार और बढ़ सकता है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह से सही नहीं है। डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि बुखार में सही तरीके से नहाने से शरीर को काफी राहत मिलती है और व्यक्ति पहले से बेहतर महसूस कर सकता है। असल में, बुखार अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर का एक संकेत है कि कुछ गड़बड़ है। जब कोई वायरस या बैक्टीरिया हमारे शरीर में घुसता है, तो उससे लड़ने के लिए हमारा शरीर अपना तापमान बढ़ा देता है। इसलिए, बुखार आना इस बात का सबूत है कि हमारा शरीर संक्रमण से मुकाबला कर रहा है। ऐसे में, सिर्फ दवा देकर बुखार को कम कर देना ही काफी नहीं है, बल्कि यह जानना भी बहुत ज़रूरी है कि बुखार आने की असली वजह क्या है।
डॉक्टरों के अनुसार, अगर बुखार से पीड़ित व्यक्ति बहुत ज़्यादा कमज़ोर महसूस नहीं कर रहा है और खुद से खड़ा हो सकता है, तो वह गुनगुने पानी से आराम से नहा सकता है। गुनगुना पानी शरीर को धीरे-धीरे आराम पहुंचाता है। इससे पसीना और गंदगी साफ होती है, जिससे शरीर हल्का महसूस होता है और कई बार अच्छी नींद भी आती है।
ठंडे या गर्म पानी से नहाना क्यों नहीं है सही?
वहीं, बहुत ठंडे पानी से नहाना बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता। कई लोगों को लगता है कि ठंडा पानी शरीर के तापमान को जल्दी कम कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं होता। जब ठंडा पानी शरीर पर पड़ता है, तो हमारा शरीर खुद को गर्म रखने की कोशिश करता है। इससे कपकपी छूटती है और व्यक्ति को पहले से ज़्यादा परेशानी महसूस हो सकती है। इसलिए, बुखार के समय नहाने में बहुत ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
इसी तरह, बहुत गर्म पानी से नहाना भी ठीक नहीं है। ज़्यादा गर्म पानी से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और कमजोरी बढ़ सकती है। इसलिए, सबसे अच्छा तरीका यही है कि सामान्य गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाए।
जब नहाने की ताकत न हो तो क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति में इतनी ताकत नहीं है कि वह नहा सके, तो ऐसे में गुनगुने पानी में एक साफ कपड़ा भिगोकर पूरे शरीर को धीरे-धीरे पोंछना चाहिए। इससे शरीर साफ रहता है और आराम भी मिलता है।
बुखार में शरीर को हाइड्रेटेड रखना है ज़रूरी
बुखार के समय सबसे ज़रूरी बात यह है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। बुखार आने पर शरीर से पसीना ज़्यादा निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है। इसलिए, बार-बार पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, नारियल पानी, ओआरएस (ORS), सूप, छाछ और दूसरे तरल पदार्थ भी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
खान-पान का रखें ध्यान
खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन जैसे खिचड़ी और दलिया आदि लेना अच्छा माना जाता है। यह शरीर को ऊर्जा देता है और पचाने में भी आसान होता है।
डॉक्टर की सलाह कब लें?
अगर बुखार एक-दो दिन में ठीक नहीं हो रहा है या लगातार बढ़ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। डॉक्टर ही बुखार के असली कारण का पता लगाकर सही इलाज बता सकते हैं। मानसून के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार और टाइफाइड जैसी बीमारियां तेज़ी से फैलती हैं। लगातार बारिश, जगह-जगह पानी भरना और नमी बढ़ने से मच्छरों की संख्या भी बढ़ जाती है, जो इन बीमारियों का मुख्य कारण बनते हैं। इन बीमारियों का सबसे आम लक्षण बुखार ही होता है। इसलिए, बुखार को हल्के में न लें और सही समय पर डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।