फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग, हजारों दमकलकर्मी जुटे, नई हीटवेव की चेतावनी

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पेरिस/मैड्रिड, 28 जुलाई (आईएएनएस)। फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग से हाहाकार मचा हुआ है। हजारों दमकलकर्मी आग बुझाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं, लेकिन मौसम विभाग की नई हीटवेव की चेतावनी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यूरोपीय संघ (ईयू) के अधिकारियों का कहना है कि इस साल वाइल्डफायर ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और यह नवंबर की शुरुआत तक जारी रह सकता है। स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने सोमवार और मंगलवार को "बेहद महत्वपूर्ण दिन" बताया है, क्योंकि बुधवार से तापमान फिर बढ़ने वाला है। प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने भी चेतावनी दी है कि देश "कठिन और जटिल घंटों" का सामना कर रहा है। स्पेन में मैड्रिड के पश्चिम में आविला के पहाड़ी इलाके में लगी आग सबसे बड़ी बन गई है, जिसने करीब 50,000 हेक्टेयर जंगल को जला दिया है। मैड्रिड के उत्तर-पश्चिम में लगी दो अन्य बड़ी आग को मिलाकर राजधानी के आसपास लगभग 77,000 हेक्टेयर भूमि जल चुकी है। स्पेन की मौसम एजेंसी एईमेट के अनुसार, हीटवेव कम से कम रविवार तक जारी रहेगी। तेज गर्मी और दक्षिणी हवाएं आग बुझाने के काम को और मुश्किल बना देंगी।

फ्रांस में भी हालात बेहद गंभीर हैं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि आने वाले हफ्ते मुश्किल भरे होंगे और सबको सतर्क रहना होगा। उन्होंने बताया कि लांद क्षेत्र में लगी आग काफी हद तक काबू में आ गई है, लेकिन अभी भी खतरा बना हुआ है। इस आग की वजह से 30,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया था। वहीं, गिरोंद क्षेत्र में लगी भीषण आग ने अब तक 42,000 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को राख कर दिया है। यह आग द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फ्रांस की सबसे विनाशकारी जंगल की आग में से एक है। आग की लपटों को रोकने के लिए बोर्डो के पास सेस्तास क्षेत्र में भारी मशीनों से पेड़ काटकर फायरब्रेक बनाए जा रहे हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 2.2 लाख से ज्यादा लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। सोमवार सुबह आग फैलने की रफ्तार थोड़ी कम हुई, लेकिन इसे पूरी तरह बुझाया नहीं जा सका है। सरकार ने इस साल की जंगल की आग को "पूरी तरह असाधारण" बताया है।
जनवरी से अब तक फ्रांस में 1.16 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जंगल और वनस्पति जल चुकी है। जबकि पूरे साल 2025 में यह आंकड़ा लगभग 70,000 हेक्टेयर था। स्पेन में इस साल अब तक 1.72 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जल चुका है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले छह गुना ज्यादा है। प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने कहा है कि जंगल की आग अब कोई अलग-थलग घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु आपातकाल का सबसे दर्दनाक संकेत है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और लगातार आने वाली हीटवेव जंगल की आग को और ज्यादा विनाशकारी बना रही हैं। अब यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक नई हकीकत बन चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि फ्रांस के कुछ हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में, दोनों देशों में दमकलकर्मी समय के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। आने वाले 24 से 48 घंटे जंगल की आग पर काबू पाने के लिए बहुत अहम माने जा रहे हैं।

स्पेन में, मैड्रिड के पश्चिम में स्थित आविला के पहाड़ी इलाके में लगी आग ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। इस आग ने करीब 50,000 हेक्टेयर जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है। इसके अलावा, मैड्रिड के उत्तर-पश्चिम में दो और बड़ी आग लगी हुई हैं। इन सबको मिलाकर राजधानी के आसपास लगभग 77,000 हेक्टेयर जमीन जल चुकी है। स्पेन की मौसम एजेंसी एईमेट ने बताया है कि हीटवेव कम से कम रविवार तक जारी रहेगी। तेज गर्मी और दक्षिणी हवाएं आग बुझाने के काम को और मुश्किल बना देंगी। स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने सोमवार और मंगलवार को "बेहद महत्वपूर्ण दिन" कहा था। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार से तापमान फिर से बढ़ने वाला है। प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने देश के सामने "कठिन और जटिल घंटे" आने की चेतावनी दी है।

फ्रांस में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। फ्रांसीसी दैनिक ली मोंड के अनुसार, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि आने वाले हफ्ते मुश्किल भरे होंगे और सभी को सतर्क रहना होगा। उन्होंने बताया कि लांद क्षेत्र में लगी आग काफी हद तक नियंत्रित कर ली गई है, लेकिन वह अभी भी खतरनाक बनी हुई है। इस आग के कारण 30,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। वहीं, गिरोंद क्षेत्र में लगी भीषण आग अब तक 42,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को राख में बदल चुकी है। यह आग द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फ्रांस की सबसे विनाशकारी जंगल की आग में से एक बन गई है। आग की लपटों को फैलने से रोकने के लिए बोर्डो के निकट सेस्तास क्षेत्र में भारी मशीनों की मदद से पेड़ हटाकर फायरब्रेक तैयार किए जा रहे हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, अब तक 2.2 लाख से अधिक लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सोमवार तड़के आग के फैलने की गति कुछ कम हुई, लेकिन इसे भी पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका है।

सरकार ने इस वर्ष की जंगल की आग को "पूरी तरह असाधारण" बताया है। यह दिखाता है कि स्थिति कितनी गंभीर है। जनवरी से अब तक फ्रांस में 1.16 लाख हेक्टेयर से अधिक जंगल और वनस्पति जल चुकी है। यह आंकड़ा पिछले साल पूरे साल के मुकाबले काफी ज्यादा है, जब यह लगभग 70,000 हेक्टेयर था। स्पेन में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। इस वर्ष अब तक 1.72 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जल चुका है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में छह गुना अधिक है। प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि जंगल की आग अब अलग-थलग घटनाएं नहीं रह गई हैं। उन्होंने इसे जलवायु आपातकाल का सबसे दर्दनाक संकेत बताया है। उनकी मानें तो बढ़ती गर्मी और लगातार आने वाली हीटवेव जंगल की आग को और ज्यादा विनाशकारी बना रही हैं। अब यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक नई वास्तविकता बन चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि फ्रांस के कुछ हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में, दोनों देशों में दमकलकर्मी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का काम कर रहे हैं। आने वाले 24 से 48 घंटे जंगल की आग पर नियंत्रण पाने के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं। यह समय तय करेगा कि आग कितनी फैल पाती है और कितना नुकसान पहुंचाती है।