नीतू सिंह की टीम सुरक्षा को प्राथमिकता, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दीपक दत्ता ने की तारीफ
नीतू सिंह की टीम सुरक्षा को प्राथमिकता, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दीपक दत्ता ने की तारीफ
NewsPoint•
अभिनेता दीपक दत्ता ने अभिनेत्री नीतू सिंह की तारीफ करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने फिल्म 'दादी की शादी' की शूटिंग के दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' के चलते पैदा हुए मुश्किल हालात में अपनी जान से ज्यादा पूरी टीम की सुरक्षा को अहमियत दी। दीपक ने आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि नीतू कपूर एक बेहतरीन अदाकारा होने के साथ-साथ एक मजबूत लीडर भी हैं। शूटिंग के दौरान एक बड़े संकट में नीतू कपूर का असली व्यक्तित्व सामने आया।
दीपक ने बताया कि जब वे शिमला में फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, उसी दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया था और 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू हो गया था। पंजाब के कई इलाकों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमलों की खबरें आ रही थीं और चंडीगढ़ एयरपोर्ट को अचानक बंद कर दिया गया था। यह बहुत ही तनावपूर्ण समय था। पूरी यूनिट घबरा गई थी और मुंबई में मौजूद उनके परिवार वाले भी काफी चिंतित थे। ऐसे में, शूटिंग को पूरी तरह से रोकने और वापस लौटने के बारे में सोचा जाने लगा था।टीम ने आपात स्थिति से निकलने की योजना बनानी शुरू कर दी थी। यह तय हुआ कि वे सड़क के रास्ते दिल्ली जाएंगे। दिल्ली एयरपोर्ट तब भी चालू था और वहां से मुंबई के लिए फ्लाइट मिल सकती थी।
दीपक ने आगे बताया कि इस मुश्किल घड़ी में रणबीर कपूर ने अपनी मां नीतू कपूर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक प्राइवेट जेट की व्यवस्था करने की पेशकश की थी। लेकिन नीतू कपूर ने इस प्रस्ताव को तुरंत ठुकरा दिया। उन्होंने साफ कहा कि वे तभी जाएंगी, जब पूरी टीम को एक साथ सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।
दीपक ने कहा, "इसी बीच मुंबई से रणबीर कपूर ने नीतू जी को फोन किया। उन्होंने कहा कि वह उनके लिए प्राइवेट जेट की व्यवस्था कर देंगे, ताकि वह तुरंत सुरक्षित वहां से निकल सकें लेकिन नीतू जी ने तुरंत मना करते हुए कहा, 'मैं अकेले नहीं जाऊंगी, सभी लोग मेरे साथ जाएंगे। जब सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा, तभी मैं जाऊंगी। इसके अलावा, हम यहां पहाड़ों में सुरक्षित हैं, शायद मुंबई से भी ज्यादा सुरक्षित। इसलिए शूटिंग जारी रखते हैं।'"
दीपक ने नीतू कपूर के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके मजबूत नेतृत्व और टीम के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि नीतू कपूर ने न केवल अपनी सुरक्षा को दरकिनार किया, बल्कि उन्होंने टीम के सदस्यों को भी हिम्मत दी और शूटिंग जारी रखने का फैसला किया। यह घटना नीतू कपूर के उस व्यक्तित्व को उजागर करती है, जो मुश्किल समय में भी शांत रहकर सही निर्णय लेता है और दूसरों की परवाह करता है। दीपक ने यह भी कहा कि ऐसे लीडर के साथ काम करना उनके लिए एक शानदार अनुभव था।