सूफी मोतीवाला लॉकअप-2 से बाहर, शिल्पा शिंदे पर साधा निशाना, खुद को बताया बेस्ट खिलाड़ी

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डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और फैशन कमेंटेटर सूफी मोतीवाला हाल ही में 'लॉकअप-2' शो से बाहर निकले हैं। बाहर आने के बाद उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में बताया कि शो के दौरान वे शिल्पा शिंदे से जुड़ाव महसूस नहीं कर पाए थे। सूफी के मुताबिक, शिल्पा ने कभी किसी को अपने करीब आने का मौका नहीं दिया और वे हमेशा वही कहती थीं जो उन्हें सही लगता था। सूफी ने यह भी कहा कि वे खुद को शो का सबसे अच्छा खिलाड़ी मानते हैं, भले ही दर्शक इससे सहमत न हों। सूफी शो में टास्क हारकर बाहर हुए थे।

शो के दौरान सूफी ने अपने तीन सीक्रेट्स खोले थे। पहला खुलासा उनके प्यार और एक्सेप्टेंस की तलाश के बारे में था। कॉलेज के दिनों में, उन्हें अपने दो करीबी मेल फ्रेंड्स से प्यार हो गया था क्योंकि वे उन्हें सुरक्षित और समझने लायक महसूस कराते थे। हालांकि, उनकी भावनाओं के कारण दोनों दोस्ती खत्म हो गईं।
दूसरा खुलासा उन्होंने किशोरावस्था के दौरान का बताया। पीजी में रहने के दौरान उनके रूममेट ने उन पर जबरदस्ती करने की कोशिश की थी। जब उन्होंने मदद मांगी तो पीजी मालिक ने भी गलत व्यवहार किया। इसके बाद सूफी को 12 घंटे बाथरूम में बिताने पड़े थे।

कंटेंट क्रिएटर का तीसरा खुलासा उनकी दिवंगत दादी के बारे में था। सूफी ने बताया कि उनकी दादी ने उनके गुजरने से दो दिन पहले उन्हें फोन किया था, लेकिन उन्होंने कॉल मिस कर दी। बाद में उन्हें उनकी मौत के बारे में पता चला और वे उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए थे।

जब सूफी से पूछा गया कि उनके अनुसार सबसे खराब प्रतियोगी कौन था, तो उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से शिल्पा जी, क्योंकि मुझे लगता है कि उन्होंने कभी किसी को अपने करीब आने का मौका नहीं दिया। वह हमेशा यह कहती थीं कि मैं वही बोलूंगी जो मुझे सही लगेगा और मैं ऐसी ही हूं, लेकिन मैं उनसे कभी जुड़ नहीं पाया।" सूफी को इस बात का अंदाजा था कि उनके इस बयान पर दर्शकों की अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन उन्हें अपने खेल पर पूरा भरोसा है।

जब उनसे पूछा गया कि उनके अनुसार शो का सबसे अच्छा खिलाड़ी कौन था, तो उन्होंने बेझिझक कहा, "मेरे हिसाब से सबसे अच्छा खिलाड़ी मैं खुद हूं, भले ही लोग मेरी बात से सहमत न हों।" यह दर्शाता है कि सूफी अपनी क्षमताओं और खेल को लेकर कितने आत्मविश्वासी हैं।

बता दें कि सूफी मोतीवाला 'लॉकअप-2' शो में एक टास्क हारने के बाद बाहर हो गए थे। शो में उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कई राज खोले, जिससे दर्शक उनसे और भी जुड़ पाए। उनके खुलासों ने न केवल उनकी निजी जिंदगी की झलक दिखाई, बल्कि यह भी बताया कि वे किस तरह की मुश्किलों से गुजरे हैं।

सूफी ने अपने पहले सीक्रेट को रिवील करते हुए बताया था कि वे हमेशा प्यार और स्वीकार्यता की तलाश में रहे हैं। कॉलेज के दिनों में, उन्हें अपने दो सबसे अच्छे दोस्तों से प्यार हो गया था। वे दोस्त उन्हें बहुत सुरक्षित महसूस कराते थे और उन्हें समझते थे। लेकिन उनकी भावनाओं के कारण उनकी दोस्ती टूट गई।

उनकी दूसरी कहानी किशोरावस्था की है। वे एक पीजी में रहते थे। वहां उनके रूममेट ने उनके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। जब उन्होंने मदद मांगी तो पीजी के मालिक ने भी उनका साथ नहीं दिया, बल्कि गलत व्यवहार किया। इस घटना के बाद सूफी को 12 घंटे तक बाथरूम में बंद रहना पड़ा था। यह उनके लिए एक बहुत ही डरावना अनुभव था।

सूफी का तीसरा खुलासा उनकी दादी से जुड़ा था। उनकी दादी का निधन हो गया था। निधन से ठीक दो दिन पहले उनकी दादी ने उन्हें फोन किया था, लेकिन सूफी ने वह कॉल नहीं उठाई। बाद में जब उन्हें दादी की मौत की खबर मिली, तो वे बहुत दुखी हुए। उन्हें दादी के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने की इजाजत नहीं मिली, जो उनके लिए एक और दुखद पल था। इन सभी अनुभवों ने सूफी को मजबूत बनाया है और उन्हें जीवन के प्रति एक अलग नजरिया दिया है।