अशोक गहलोत का बड़ा बयान: कांग्रेस से अलग हुई पार्टियों को राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होने का सुझाव

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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राऊत के विचारों का समर्थन किया है। गहलोत का मानना है कि कांग्रेस से अलग हुई क्षेत्रीय पार्टियों को फिर से कांग्रेस में शामिल होकर राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करना चाहिए। वे कहते हैं कि लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होना आवश्यक है।

Navbharat Times
जयपुर, 12 जून। राजस्थान के पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राऊत के उस सुझाव का पुरजोर समर्थन किया है, जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस से अलग हुई क्षेत्रीय पार्टियों को वापस कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए और राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर देश के लोकतंत्र को बचाना चाहिए। गहलोत ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा राजनीतिक हालात में लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी को मिलकर लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि संजय राऊत की बात में दम है और अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए मैदान में उतरें। गहलोत ने कहा कि जो पार्टियां कांग्रेस से अलग होकर बनी थीं, उन्हें इस अहम मोड़ पर व्यापक राष्ट्रीय हित के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और पूरे दिल से राहुल गांधी को अपना नेता स्वीकार करना चाहिए।

गहलोत ने कहा कि इंडिया गठबंधन को देश के सामने एक साफ और स्पष्ट नेतृत्व वाला चेहरा पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में यह साफ संदेश जाना चाहिए कि राहुल गांधी इंडिया गठबंधन के नेता हैं। उन्होंने कहा कि लोग Narendra Modi और राहुल गांधी के बीच सीधा Political मुकाबला देखते हैं। अगर सभी विपक्षी दल मिलकर और बिना किसी हिचकिचाहट के राहुल गांधी का नेतृत्व स्वीकार कर लें, तो देश में वोटिंग का पैटर्न काफी बदल सकता है।
पूर्व Chief Minister ने यह भी साफ किया कि उनकी बात उन पार्टियों के लिए नहीं थी जिनकी ऐतिहासिक रूप से अपनी स्वतंत्र Political पहचान रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शिवसेना हमेशा से एक अलग पार्टी रही है। सीपीआई(एम) और सीपीआई ने भी अपने-अपने Political रास्ते अपनाए हैं। हम उन पर ऐसा कोई दावा नहीं कर सकते। इसी तरह, Samajwadi Party जैसी पार्टियों की अपनी शुरुआत और परंपराएं हैं। हमें उनसे कोई शिकायत नहीं है।

गहलोत ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि इस देश में लोकतंत्र पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।" उन्होंने कहा कि हालात बेहद चिंताजनक हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सभी Political ताकतों की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए छात्रों और युवा नागरिकों से वैचारिक सोच के आधार पर सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं युवा पीढ़ी से बार-बार अपील करता हूं कि वे विचारधारा के आधार पर राजनीति में आएं।" उन्होंने आगे कहा, "चाहे आप छात्र हों या युवा पेशेवर, यह आपके लिए भाग लेने का समय है।" गहलोत ने युवाओं से कहा कि वे अलग-अलग Political विचारधाराओं को समझें और उस पार्टी से जुड़ें जो उन्हें लगता है कि राष्ट्रीय हित में काम करती है। उन्होंने कहा, "हमारे Political विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन जो मायने रखता है वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आपकी भागीदारी है।"

पूर्व Chief Minister ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि उन्होंने देश के इतिहास के अहम मौकों पर क्या भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, "इतिहास हममें से हर एक से पूछेगा कि हमने अपने समय में क्या भूमिका निभाई।" उन्होंने युवाओं से इस जिम्मेदारी से पीछे न हटने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आगे आएं, राजनीति में भाग लें और लोकतंत्र व देश को मजबूत करने में योगदान दें।"

गहलोत ने इस बात पर जोर दिया कि देश को बचाने के लिए एकजुट होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब हम सब मिलकर लड़ेंगे तभी हम लोकतंत्र को बचा पाएंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में देश को नेतृत्व देने की पूरी क्षमता है और अगर सभी विपक्षी दल उन्हें अपना नेता मानते हैं तो यह देश के लिए बहुत अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि यह समय है कि हम सब मिलकर काम करें और देश को मजबूत बनाएं।

उन्होंने कहा कि देश आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां हमें यह तय करना है कि हम किस दिशा में जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोकतंत्र मजबूत रहे और सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलें। उन्होंने कहा कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर देश छोड़ें।

गहलोत ने कहा कि यह सिर्फ एक Political लड़ाई नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हमें मिलकर काम करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि लोकतंत्र हमेशा मजबूत रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस लड़ाई में आगे आना होगा और देश को मजबूत बनाने में अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि यह समय है कि हम सब मिलकर काम करें और देश को एक नई दिशा दें।