शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का निधन: खेल जगत में शोक की लहर, नेताओं ने जताया दुख

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प्रख्यात भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन हो गया है। जर्मनी से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। राष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

Navbharat Times
नई दिल्ली, 12 जून: भारतीय शूटिंग के दिग्गज और कोच जसपाल राणा का 49 साल की उम्र में निधन हो गया। जर्मनी के म्युनिख में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य प्रमुख नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। नेताओं ने जसपाल राणा के शानदार खेल प्रदर्शन, युवा प्रतिभाओं को निखारने में उनके योगदान और भारतीय खेल जगत के लिए उनकी अपूरणीय क्षति को याद किया।

जसपाल राणा, जो एक जाने-माने शूटर थे और जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया था, का अचानक निधन खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "जसपाल राणा जी के निधन की खबर बहुत दुखद है। वह एक जाने-माने शूटर थे, जिनके शानदार प्रदर्शन ने देश का नाम रोशन किया। ग्लोबल शूटिंग कॉम्पिटिशन में कई मेडल जीतने वाले राणा ने खुद को भारतीय खेलों के एक आइकॉन के तौर पर स्थापित किया। एक एथलीट और मेंटर के तौर पर, उन्होंने युवा टैलेंट को निखारकर एक स्थायी योगदान दिया। उनका समर्पण, अनुशासन और बेहतरीन काम करने की प्रतिबद्धता आने वाली कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेगी। मैं उनके परिवार, दोस्तों और खेल समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।" राष्ट्रपति के शब्दों से जसपाल राणा के खेल के प्रति समर्पण और युवा खिलाड़ियों के लिए उनकी प्रेरणादायक भूमिका का पता चलता है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक्स पर उनसे मुलाकात की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "महान एथलीट और मशहूर शूटिंग कोच जसपाल राणा के निधन से बहुत दुख हुआ। भारतीय शूटिंग में उनका योगदान और युवा टैलेंट को आगे बढ़ाने के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।" रिजिजू के ट्वीट से यह स्पष्ट होता है कि जसपाल राणा सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि एक ऐसे कोच भी थे जिन्होंने युवा प्रतिभाओं को तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रख्यात् भारतीय निशानेबाज, पद्मश्री से अलंकृत जसपाल राणा के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। जसपाल जी ने अपने शानदार खेल जीवन में अनेक अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कर भारत का गौरव विश्व पटल पर स्थापित किया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।" जेपी नड्डा के शब्दों में जसपाल राणा की उपलब्धियों का महत्व और उनके निधन से हुई क्षति का अंदाजा लगाया जा सकता है। पद्मश्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से अलंकृत होना उनकी महानता का प्रतीक है।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी जसपाल राणा के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, "अंतररराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाने वाले प्रख्यात शूटर और कोच जसपाल राणा के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। अपनी असाधारण प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से उन्होंने निशानेबाजी में देश को अनेक गौरवपूर्ण क्षण दिए। खिलाड़ी के रूप में उपलब्धियों से लेकर कोच के रूप में नई प्रतिभाओं को निखारने तक, उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। उनका निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार एवं उनके प्रशंसकों को इस कठिन समय में संबल दें।" धर्मेंद्र प्रधान ने जसपाल राणा के दोहरे योगदान, एक खिलाड़ी के रूप में और एक कोच के रूप में, पर प्रकाश डाला।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दुखद समाचार पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "विश्वप्रसिद्ध भारतीय शूटर, शूटिंग कोच, 'पद्म श्री' जसपाल राणा का निधन अत्यंत दुखद एवं भारतीय खेल जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि। वैश्विक पटल पर भारत को गौरवभूषित करने वाली उनकी असाधारण उपलब्धियां तथा युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह अथाह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।" योगी आदित्यनाथ ने जसपाल राणा को 'पद्म श्री' से सम्मानित बताते हुए उनके योगदान को 'अपूरणीय क्षति' बताया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा, "पद्मश्री व अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध भारतीय निशानेबाज एवं कुशल प्रशिक्षक जसपाल राणा के असामयिक निधन की सूचना अत्यंत दुखद है तथा खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मेरी गहन संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से भारतीय निशानेबाजी को वैश्विक पहचान दिलाई तथा अनेक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के शिखर तक पहुंचाया। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों व उनके प्रशंसकों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।" केशव प्रसाद मौर्य ने जसपाल राणा को पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बताते हुए उनके द्वारा भारतीय निशानेबाजी को दी गई वैश्विक पहचान का जिक्र किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख जताते हुए लिखा, "देवभूमि उत्तराखंड के सपूत, पद्मश्री से अलंकृत, भारतीय निशानेबाजी जगत के गौरव जसपाल राणा के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। निशानेबाजी के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान, ऐतिहासिक उपलब्धियों एवं युवा खिलाड़ियों को दी गई प्रेरणा ने भारत को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित किया। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका निधन खेल जगत, उत्तराखंड तथा पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों, शुभचिंतकों एवं असंख्य प्रशंसकों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।" धामी ने जसपाल राणा को 'देवभूमि उत्तराखंड के सपूत' बताते हुए उनके योगदान को 'ऐतिहासिक उपलब्धियों' और 'युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा' बताया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी जसपाल राणा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शूटर एवं प्रख्यात कोच जसपाल राणा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाने और अनेक खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से देश के खेल जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।" रेखा गुप्ता ने जसपाल राणा के भारतीय निशानेबाजी को दी गई नई पहचान और खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने के योगदान को याद किया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा, "वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप एवं एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट, अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। आपका जाना खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत को शांति एवं शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति दें।" मोहन यादव ने जसपाल राणा को वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और एशियन गेम्स का गोल्ड मेडलिस्ट बताते हुए उनके निधन को खेल जगत के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी जसपाल राणा के निधन पर दुख जाहिर करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, "भारतीय खेलों में एक बड़ी हस्ती और हमारे सबसे महान शूटिंग चैंपियन में से एक जसपाल राणा के निधन से बहुत दुख हुआ। दुनिया भर में भारत का नाम रोशन करने से लेकर शूटर्स की आने वाली पीढ़ियों को तैयार करने तक, भारतीय खेलों में उनका योगदान सच में बहुत खास था। उन्होंने अपने राज्य उत्तराखंड के लिए काम करने के लिए पब्लिक सर्विस में भी काम किया। उनके परिवार, दोस्तों और पूरी खेल बिरादरी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।" मल्लिकार्जुन खड़गे ने जसपाल राणा को 'भारतीय खेलों में एक बड़ी हस्ती' और 'सबसे महान शूटिंग चैंपियन में से एक' बताया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जसपाल राणा ने अपने राज्य उत्तराखंड के लिए पब्लिक सर्विस में भी काम किया।

कांग्रेस सांसद और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने जसपाल राणा के निधन पर लिखा, "भारतीय निशानेबाजी जगत के महानायक, पद्मश्री एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात शूटर और कोच जसपाल राणा के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद और स्तब्धकारी है। उन्होंने अपने अद्वितीय कौशल, अनुशासन और समर्पण से भारतीय खेल जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एक खिलाड़ी के रूप में उनके असंख्य अंतरराष्ट्रीय पदक और एक कोच के रूप में युवा प्रतिभाओं को तराशने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। भारतीय निशानेबाजी के स्वर्णिम अध्यायों में उनका नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार, मित्रों, शिष्यों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।" राजीव शुक्ला ने जसपाल राणा को 'भारतीय निशानेबाजी जगत के महानायक' बताते हुए उनके खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में योगदान को 'सदैव स्मरणीय' बताया।

जसपाल राणा का जन्म 12 अगस्त 1975 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते और भारतीय शूटिंग में एक अमिट छाप छोड़ी। वे न केवल एक उत्कृष्ट निशानेबाज थे, बल्कि एक समर्पित कोच भी थे जिन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में मदद की। उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक महान हस्ती खो दी है, जिनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी मृत्यु का कारण फ्लाइट में अचानक तबीयत बिगड़ना बताया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 49 साल की कम उम्र में उनका जाना सभी के लिए गहरा सदमा है। जसपाल राणा की विरासत उनके द्वारा जीते गए पदकों, उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ियों और भारतीय खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण के रूप में जीवित रहेगी।