ट्विशा शर्मा मौत मामला: पिता ने हाई कोर्ट में की शिकायत, लीगल एड वकीलों की भूमिका पर उठाए सवाल, Cbi जांच जारी
ट्विशा शर्मा मौत मामला: पिता ने हाई कोर्ट में की शिकायत, लीगल एड वकीलों की भूमिका पर उठाए सवाल, CBI जांच जारी
NewsPoint•
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच चल रही है। इस बीच, ट्विशा के पिता ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम से जुड़े कुछ वकीलों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
भोपाल, 12 जून। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच चल रही है। इसी बीच, ट्विशा के पिता ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम' से जुड़े कुछ वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया के सामने यह शिकायत पेश की है। उन्होंने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की गुहार लगाई है।
शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी मदद पहुंचाने की व्यवस्था के तहत नियुक्त कुछ वकील आरोपी पक्ष का साथ देते हुए पाए गए। शिकायत के मुताबिक, इन वकीलों की नियुक्ति भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई थी। नवनिधि शर्मा ने अपनी शिकायत के साथ एक तस्वीर भी सौंपी है। इस तस्वीर में 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल' स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नाचते हुए दिखाया गया है।शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सक्सेना कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ मौजूद थे। ट्विशा शर्मा के पिता ने 'चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल' रीना वर्मा का नाम भी अपनी शिकायत में शामिल किया है। नवनिधि शर्मा ने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के पास पहले से ही निजी वकील मौजूद था, तो लीगल एड वकीलों ने इतनी सक्रिय भूमिका क्यों निभाई?
इसके अलावा, शिकायत में ब्यूटी पार्लर और बाद में एक शादी समारोह में देखे गए एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में उस व्यक्ति की पहचान और घटनाक्रम में उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अदालत में ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने बताया कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के सामने रख दिया गया है। पांडे ने शुक्रवार को कहा, "हमने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेज दी है और अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।"
शिकायत में लीगल एड वकीलों की भूमिका और आरोपी के साथ उनके कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हुए कानूनी प्रतिनिधित्व की समीक्षा करने की भी मांग की गई है।
इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून को खत्म हो रही है। सीबीआई उस दिन दोनों को अदालत में पेश करेगी। अदालत यह तय करेगी कि उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए या आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड दिया जाए। सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि जरूरत पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजे जाने के बाद से अब तक किसी रिमांड की मांग नहीं की गई है।
यह पूरा मामला काफी पेचीदा होता जा रहा है। ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे की सच्चाई जानने के लिए सीबीआई अपनी जांच में जुटी हुई है। वहीं, दूसरी तरफ उनके पिता ने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े लोगों पर सवाल उठाकर मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। यह देखना अहम होगा कि सीबीआई की जांच और हाई कोर्ट में दर्ज कराई गई शिकायत का क्या नतीजा निकलता है। क्या ट्विशा शर्मा को न्याय मिल पाएगा? क्या आरोपी पक्ष के साथ लीगल एड वकीलों के संबंधों का खुलासा होगा? ये सभी सवाल अभी अनुत्तरित हैं।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे न्याय की प्रक्रिया में कई परतें होती हैं। एक तरफ जहां सीबीआई जैसे केंद्रीय एजेंसियां मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके। लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम का मकसद जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता देना है। लेकिन अगर इस व्यवस्था का दुरुपयोग हो रहा है, तो यह चिंता का विषय है।
तस्वीर में असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना का शादी में नाचना और फिर कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ दिखना, कई सवाल खड़े करता है। क्या यह सिर्फ एक संयोग था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? यह सब जांच का विषय है। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रीना वर्मा का नाम भी शिकायत में शामिल होना इस मामले को और गंभीर बनाता है।
अंकुर पांडे, जो ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे हैं, उन्होंने कहा है कि शिकायत संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है और वे अब कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। यह एक आम प्रक्रिया है कि जब कोई शिकायत दर्ज होती है, तो संबंधित विभाग उसकी जांच करता है और फिर उचित कार्रवाई करता है।
गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत का बढ़ना या घटना, इस मामले के मुख्य आरोपियों की स्थिति को दर्शाता है। सीबीआई की जांच का अगला कदम यह तय करेगा कि आगे क्या होता है। क्या उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा या न्यायिक हिरासत में ही रखा जाएगा। यह सब अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।
यह पूरा मामला आम जनता के लिए भी एक सीख है कि न्याय की लड़ाई लंबी और कठिन हो सकती है। लेकिन सच्चाई कभी छिपती नहीं है। उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और ट्विशा शर्मा को न्याय मिलेगा।