सरकारी शिक्षकों पर राजस्थान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का सख्त बयान: निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वालों पर कार्रवाई

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Navbharat Times
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी शिक्षकों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं, वे अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं हैं और उन्हें सरकारी स्कूलों की शिक्षा पर भरोसा नहीं है। मंत्री ने ऐसे शिक्षकों को 'निकम्मा' करार देते हुए चेतावनी दी है कि अगर वे अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दिलावर ने यह भी कहा कि विभाग ऐसे शिक्षकों की सूची बना रहा है जो स्कूल में गुटखा खाते हैं या शराब पीकर आते हैं, और उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने राज्य में स्वच्छता अभियान को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं, जिसमें लापरवाही बरतने पर चेतावनी और फिर कार्रवाई की बात कही गई है। मंत्री ने साफ किया कि कार्रवाई में किसी की जाति, समाज या पद नहीं देखा जाएगा, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी पर एक समान कार्रवाई होगी।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी शिक्षकों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजते हैं, वे सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा, "जो सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं, वे निकम्मापन कर रहे हैं। इसका मतलब है कि उन्हें अपने ही बच्चों को पढ़ाना नहीं आता। वे मुफ्त का वेतन ले रहे हैं। यदि वे इस श्रेणी में नहीं आना चाहते तो अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराएं।" यह बयान उन्होंने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और शिक्षकों की जवाबदेही पर जोर देते हुए दिया।
मंत्री ने अधिकारियों और शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी अपना काम ठीक से नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "अगर किसी का मिलने वाला ऐसा व्यक्ति हो तो उसे बता देना कि ठीक तरह से काम करे। मदन दिलावर बहुत खराब आदमी है। हम अच्छे लोगों का सम्मान करते हैं और गलत काम करने वालों को दंड देते हैं।" यह बात उन्होंने साफ कर दिया कि वे किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।

दिलावर ने शिक्षकों के व्यवहार और जीवनशैली के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक का आचरण सीधे बच्चों पर असर डालता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग उन शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है जो स्कूल परिसर में गुटखा खाते हैं या शराब पीकर आते हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सूची तैयार होने के बाद ऐसे शिक्षकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही, शिक्षा मंत्री ने राजस्थान में स्वच्छता अभियान को लेकर भी अपनी सख्ती दिखाई। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य को साफ-सुथरा दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में लापरवाही करता है, तो पहली बार उसे चेतावनी दी जाएगी। लेकिन अगर दोबारा गलती हुई तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई करते समय किसी की जाति, समाज या पद को नहीं देखा जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी को कानून के दायरे में लाया जा सके, चाहे उनका ओहदा कुछ भी हो।