जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने बिहार की वित्तीय स्थिति, अंतरराष्ट्रीय संकट और पीएम मोदी के कार्यकाल पर रखी पार्टी की बात

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जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने बिहार की वित्तीय स्थिति पर राजद के दावों को खारिज किया। उन्होंने ओमान तट पर भारतीय नागरिकों के लापता होने पर चिंता जताई और अमेरिका-ईरान तनाव पर संयम बरतने की सलाह दी। पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने पर उन्होंने इसे देश के लिए गौरव बताया।

Navbharat Times
पटना, 11 जून (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने बिहार की वित्तीय स्थिति, अंतरराष्ट्रीय तनाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और पश्चिम बंगाल की राजनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बिहार के वित्तीय संकट की बातों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार का खजाना सुरक्षित है और राजद की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ओमान तट पर अमेरिकी हमले के बाद तीन भारतीयों के लापता होने पर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर उन्होंने कहा कि यह पूरी मानवता के लिए खतरा है और दोनों देशों को समझदारी से काम लेना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर उन्होंने कहा कि यह देश के लिए गौरव की बात है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कांग्रेस में विलय की अटकलों को उन्होंने हास्यास्पद बताया।

राजीव रंजन ने बिहार की वित्तीय स्थिति को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव के दावों को पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी खर्च के लिए विधानमंडल से मंजूरी लेती है और जरूरत पड़ने पर समय-समय पर फैसले लिए जाते हैं। उन्होंने राजद पर अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि बिहार अब 'ट्रेजरी लूट' के दौर से बहुत आगे निकल चुका है। पहले जहां बिहार का बजट सिर्फ 25 हजार करोड़ रुपये का था, वहीं अब यह सवा तीन लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो गया है। राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी यादव लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता अब उनके झांसे में आने वाली नहीं है।
ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर पर हुए अमेरिकी हमले के बाद तीन भारतीयों के लापता होने की घटना पर जेडीयू प्रवक्ता ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और अमेरिकी दूतावास को भी तलब किया गया है। राजीव रंजन ने कहा कि जब तक स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज का संकट हल नहीं हो जाता, तब तक हमें बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने समझाया कि ऊर्जा की हमारी जरूरतें इस रास्ते पर निर्भर करती हैं। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार कोशिशों के बावजूद मतभेद दूर नहीं हो पा रहे हैं, जो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने दोनों देशों से सोच-समझकर फैसले लेने की अपील की, वरना यह संकट पूरी मानवता के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान पर हमले की चेतावनी और उसके बाद बढ़ते तनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन ने कहा कि हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमले तो शुरू हो चुके हैं। अमेरिका ने ईरान के कई शहरों में जिस तरह से कार्रवाई की है और दबाव बढ़ाया है, उससे साफ है कि अमेरिका और ईरान दोनों को उदारता दिखाते हुए समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के हित में जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मुश्किलें सबकी बढ़ने वाली हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्षों के कार्यकाल पूरे होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा उन्हें बधाई दिए जाने को जेडीयू प्रवक्ता ने देश के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत की जनता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने जो तरक्की की है, उस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। यह कार्यकाल सिर्फ समय के हिसाब से ही नहीं, बल्कि अनगिनत उपलब्धियों के कारण भी याद रखा जाएगा।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कांग्रेस में विलय की अटकलों पर राजीव रंजन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में टीएमसी की स्थिति काफी कमजोर नजर आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब टीएमसी के पास बचा ही क्या है? उनके सांसद कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं और विधायकों का एक बड़ा हिस्सा पहले ही ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुका है। राजीव रंजन ने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल में टीएमसी को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। ऐसे में, दोनों दलों के बीच समझौते की अटकलें समझ से परे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यह केवल सांसदों को पार्टी छोड़ने से रोकने की एक कोशिश हो सकती है। टीएमसी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अब यह जानना ज्यादा दिलचस्प होगा कि आखिर कौन बचा है। उन्होंने कहा कि जो भी बड़े और चर्चित चेहरे हैं, वे धीरे-धीरे ममता बनर्जी का साथ छोड़ते नजर आ रहे हैं।