फीफा वर्ल्ड कप 2026: मेक्सिको कोच एगुइरे की टीम को सलाह, दबाव में न खोएं संयम
फीफा वर्ल्ड कप 2026: मेक्सिको कोच एगुइरे की टीम को सलाह, दबाव में न खोएं संयम
NewsPoint•
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले मेक्सिको टीम के कोच जेवियर एगुइरे ने खिलाड़ियों को शांत रहने की सलाह दी है। मेक्सिको गुरुवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगा। कोच का मानना है कि घरेलू मैदान और दर्शकों का समर्थन टीम के साथ है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले मुकाबले से पहले मेक्सिको फुटबॉल टीम के मुख्य कोच जेवियर एगुइरे ने अपनी टीम को शांत रहने और दबाव को सही तरीके से संभालने की सलाह दी है। मेक्सिको टूर्नामेंट में अपने अभियान का आगाज गुरुवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ करेगा। घरेलू मैदान पर टीम से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एगुइरे ने कहा कि उनकी टीम को सिर्फ अच्छा फुटबॉल ही नहीं खेलना है, बल्कि सही मानसिकता भी बनाए रखनी होगी। उन्होंने कहा कि घरेलू मैदान, ऊंचाई का फायदा और हजारों दर्शकों का समर्थन मेक्सिको के पक्ष में है, लेकिन इन सभी चीजों के बीच खिलाड़ियों को अपना संयम नहीं खोना चाहिए। एगुइरे ने कहा, “लोग हमें इस मैच में फेवरेट मान रहे हैं। घर पर खेलने का फायदा हमारे पास है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम दबाव में आकर गलतियां करें। फेवरेट होने के नाते आपको अपना संयम नहीं खोना चाहिए।” मेक्सिको की टीम अब तक फीफा वर्ल्ड कप के उद्घाटन मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सकी है। टीम सात बार टूर्नामेंट के पहले दिन या पहले मैच का हिस्सा रही है, लेकिन टीम को जीत नसीब नहीं हो सकी है। एगुइरे ने कहा कि उन्हें इस रिकॉर्ड के बारे में हाल ही में पता चला और अब उनकी टीम के पास इसे बदलने का अच्छा मौका है। उन्होंने कहा, “अब हमारे पास जीतने का एक और कारण है। हम इस आंकड़े को बदलना चाहते हैं और उम्मीद है कि इस बार ऐसा कर पाएंगे।” 67 वर्षीय एगुइरे तीसरी बार मेक्सिको की राष्ट्रीय टीम के कोच बने हैं। उन्होंने 1986 वर्ल्ड कप को भी याद किया, जब मेक्सिको ने टूर्नामेंट की मेजबानी की थी और वह टीम के खिलाड़ी थे। उस वर्ल्ड कप में मेक्सिको क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा था। एगुइरे ने कहा कि अपने लंबे फुटबॉल करियर में उन्होंने कई बड़े मौके देखे हैं, लेकिन घरेलू मैदान पर वर्ल्ड कप खेलना सबसे खास अनुभव है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि यह उनके लिए इतिहास बनाने का मौका है और इस पल को यादगार बनाया जा सकता है। मेक्सिको के ग्रुप में साउथ कोरिया और चेक रिपब्लिक जैसी मजबूत टीमें भी शामिल हैं। एगुइरे का मानना है कि आगे बढ़ने के लिए उनकी टीम को हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाया गया है ताकि किसी भी कठिन परिस्थिति में वे संतुलन बनाए रख सकें और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज़ होने वाला है और मेक्सिको की टीम अपने पहले मैच के लिए पूरी तरह तैयार है। गुरुवार को साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाले इस मुकाबले से पहले, टीम के मुख्य कोच जेवियर एगुइरे ने खिलाड़ियों को खास सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मैदान पर अच्छा खेलने के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत रहना भी बहुत ज़रूरी है। मेक्सिको के लिए यह मैच बहुत अहम है क्योंकि वे अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे हैं और दर्शकों का भरपूर समर्थन उन्हें मिलेगा। साथ ही, मेक्सिको सिटी की ऊंचाई का फायदा भी टीम को मिलेगा। लेकिन कोच एगुइरे का मानना है कि इन सब बातों के बावजूद, खिलाड़ियों को शांत रहना होगा और किसी भी तरह के दबाव में नहीं आना है।कोच एगुइरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोग मेक्सिको को इस मैच में फेवरेट मान रहे हैं। उन्होंने कहा, “लोग हमें इस मैच में फेवरेट मान रहे हैं। घर पर खेलने का फायदा हमारे पास है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम दबाव में आकर गलतियां करें। फेवरेट होने के नाते आपको अपना संयम नहीं खोना चाहिए।” इसका मतलब है कि जीत की उम्मीदें ज़्यादा होने पर भी, टीम को अपनी गलतियों से बचना होगा और शांत दिमाग से खेलना होगा।
एक और दिलचस्प बात यह है कि मेक्सिको की टीम का फीफा वर्ल्ड कप के उद्घाटन मुकाबले में जीत का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम सात बार टूर्नामेंट के पहले मैच में खेली है, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाई है। कोच एगुइरे को इस बात का पता हाल ही में चला है और अब वे इस रिकॉर्ड को बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अब हमारे पास जीतने का एक और कारण है। हम इस आंकड़े को बदलना चाहते हैं और उम्मीद है कि इस बार ऐसा कर पाएंगे।” यह मेक्सिको के लिए एक नया लक्ष्य है और वे इसे हासिल करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।
67 वर्षीय जेवियर एगुइरे तीसरी बार मेक्सिको की राष्ट्रीय टीम के कोच बने हैं। उनका फुटबॉल से गहरा नाता रहा है। उन्होंने 1986 वर्ल्ड कप को याद किया, जब मेक्सिको ने टूर्नामेंट की मेजबानी की थी और वे खुद टीम के खिलाड़ी थे। उस वर्ल्ड कप में मेक्सिको क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा था। एगुइरे ने कहा कि अपने लंबे फुटबॉल करियर में उन्होंने कई बड़े मौके देखे हैं, लेकिन अपने देश में वर्ल्ड कप खेलना एक बहुत ही खास अनुभव है। उन्होंने खिलाड़ियों को समझाया कि यह उनके लिए इतिहास बनाने का मौका है और वे इस पल को यादगार बना सकते हैं।
मेक्सिको को ग्रुप में साउथ कोरिया और चेक रिपब्लिक जैसी मजबूत टीमों का सामना करना पड़ेगा। कोच एगुइरे का मानना है कि आगे बढ़ने के लिए टीम को हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को मानसिक रूप से इतना मजबूत बनाया गया है कि वे किसी भी मुश्किल परिस्थिति में अपना संतुलन बनाए रख सकें और अच्छा प्रदर्शन कर सकें। यह दिखाता है कि टीम सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह से तैयार है।