अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारी: Bsf जम्मू ने बाग ए बहू में किया भव्य योग सत्र
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारी: BSF जम्मू ने बाग-ए-बहू में किया भव्य योग सत्र
NewsPoint•
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारी शुरू हो गई है। सीमा सुरक्षा बल जम्मू ने बाग-ए-बहू गार्डन में एक बड़ा योग सत्र आयोजित किया। जवानों ने उत्साह से भाग लिया और योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योग से शारीरिक और मानसिक मजबूती बढ़ती है। यह जवानों को बेहतर एकाग्रता और निर्णय लेने में मदद करता है।
नई दिल्ली, 11 जून: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आगमन से पहले, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जम्मू ने 10 जून 2026 को जम्मू के खूबसूरत बाग-ए-बहू गार्डन में एक शानदार योग सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और योग को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बनाने का पक्का इरादा जताया। बीएसएफ जम्मू ने 'एक्स' पर दो पोस्ट के ज़रिए इस आयोजन की जानकारी साझा की। जवानों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक मज़बूती, तनाव कम करने और ऑपरेशनल तैयारियों को बेहतर बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाता है।
सुबह-सुबह बाग-ए-बहू के मनमोहक माहौल में हुए इस योग सत्र में बीएसएफ के जवानों ने तरह-तरह के योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। यह सत्र काफी असरदार रहा। बीएसएफ के मुताबिक, सीमा पर तैनात जवानों के लिए योग सिर्फ़ उनके शरीर को ही स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि उनके दिमाग को शांत रखने और तनाव से मुक्ति दिलाने में भी बहुत मददगार साबित होता है। खासकर मुश्किल हालात में ड्यूटी करने वाले सशस्त्र बलों के लिए योग एक बेहतरीन ज़रिया है।यह याद दिलाना ज़रूरी है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। साल 2015 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से भारत में यह दिन बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल भी देश भर में कई कार्यक्रम हो रहे हैं, और बीएसएफ का यह योग सत्र उसी कड़ी का हिस्सा है।
बीएसएफ के जवानों को नियमित रूप से योग का प्रशिक्षण दिया जाता है। योग न केवल उनकी फिटनेस को बढ़ाता है, बल्कि सीमा सुरक्षा जैसे नाज़ुक काम में उनकी एकाग्रता और सही फैसला लेने की क्षमता को भी निखारता है। बाग-ए-बहू में आयोजित यह कार्यक्रम, बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर की ओर से योग दिवस 2026 की तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है।
योग के ज़रिए जवान अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत का ख़्याल रखते हैं। यह उन्हें हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करता है। बाग-ए-बहू जैसे शांत और प्राकृतिक स्थान पर योग करना जवानों के लिए एक सुखद अनुभव रहा। उन्होंने महसूस किया कि योग उन्हें न केवल शारीरिक रूप से मज़बूत बनाता है, बल्कि मानसिक रूप से भी शांत और केंद्रित रहने में मदद करता है। यह उनके काम के प्रति समर्पण को और बढ़ाता है।
बीएसएफ के लिए योग सिर्फ़ एक व्यायाम नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। यह उन्हें सीमा पर अपनी ड्यूटी को और भी बेहतर तरीके से निभाने में मदद करता है। तनावपूर्ण माहौल में भी शांत रहने की क्षमता योग से ही आती है। इसलिए, बीएसएफ जम्मू ने इस तरह के आयोजनों को बढ़ावा देने का फैसला किया है ताकि सभी जवान योग के फायदों से अवगत हो सकें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकें। यह पहल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए एक मज़बूत नींव तैयार कर रही है।