त्रिपुरा में बीएसएफ जवानों पर हमले के आरोप में आठ लोग गिरफ्तार, स्थिति तनावपूर्ण
त्रिपुरा में बीएसएफ जवानों पर हमले के आरोप में आठ लोग गिरफ्तार, स्थिति तनावपूर्ण
NewsPoint•
त्रिपुरा के सेपाहीजाला जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक बुरी घटना हुई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हुए हमले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह हमला तब हुआ जब बीएसएफ के जवानों ने अवैध गतिविधियों में लिप्त तस्करों को देखा। वे तुरंत कार्रवाई में जुट गए, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ गए। इस घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है।
सोमवार को, बीएसएफ के जवानों ने आशाबारी क्षेत्र में कुछ भारतीय और बांग्लादेशी तस्करों को देखा। जब बीएसएफ जवान मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने एक भारतीय तस्कर को पकड़ लिया। मगर, बांग्लादेशी तस्कर भागने में सफल रहे। पकड़ा गया भारतीय तस्कर भी वहां से نکل भागा और ग्रामीणों को बताया कि बीएसएफ जवानों ने उसकी पिटाई की। इसके बाद, वहां बहुत से लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने बीएसएफ जवानों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें तीन बीएसएफ जवान घायल हो गए, जिनमें कंपनी कमांडर भी शामिल हैं। हमलावरों ने एक बीएसएफ जवान की राइफल छीनने की भी कोशिश की और बीएसएफ की एक गाड़ी को नुकसान पहुंचाया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तेजी से स्थिति को संभालने पहुंचे। पुलिस ने बताया कि इस हमले के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा, "बोक्सानगर के अशाबारी में बीएसएफ जवानों पर हुए हमले के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें शामिल सभी लोगों को न्याय के दायरे में लाया जाएगा और कानून के अनुसार उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारे सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
सीएम साहा ने अपने एक और पोस्ट में कहा, "मैं अशाबारी में उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमारे बहादुर बीएसएफ जवानों पर किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इनकी जितनी निंदा की जाए, कम है। हमारे सुरक्षाकर्मियों पर कोई भी हमला गंभीर चिंता का विषय है और कानून के अनुसार इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, "हमारे सुरक्षाकर्मी सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं।"
यह ध्यान रखने योग्य है कि त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किमी लंबी सीमा है। यह सीमाएं तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरी हुई हैं, जिससे यह क्षेत्र बहुत संवेदनशील बन जाता है। यहाँ तस्करी, सीमा पार अपराधों और अवैध गतिविधियों के मामलों को रोकने के लिए बीएसएफ की तैनाती की जाती है। इसलिए, ऐसी घटनाएं स्थानीय लोगों तथा सुरक्षा बलों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आगामी दिनों में और गिरफ्तारी होने की उम्मीद है। इस मामले ने पूरे इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषी पकड़े जाएंगे और कानून के दायरे में लाए जाएंगे।