समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने धीरेंद्र शास्त्री को धोखेबाज बताया

NewsPoint•
Navbharat Times
लखनऊ, 3 नवंबर। सपा के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के हालिया बयान पर कड़ा हमला बोला है। वर्मा ने उन्हें धोखेबाज करार दिया और कहा कि वह भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का मजाक उड़ाया और आरोप लगाया कि यह पार्टी लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। आशुतोष वर्मा ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का बयान बेहद निंदनीय है और उन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।

सपा प्रवक्ता ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री एक धार्मिक उपदेशक हैं, लेकिन उनके बयानों को लोगों को गुमराह करने वाली बातों के रूप में देखा जाना चाहिए। वर्मा ने कटाक्ष करते हुए कहा, “जो व्यक्ति खुद को ईश्वर का परम भक्त बताता है, वह विदेशों में महंगी गाड़ियों और आलीशान यॉट में घूमता दिखाई देता है।" उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री विलासिता का जीवन जी रहे हैं और भाजपा के इशारों पर चल रहे हैं।
भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा पर वर्मा ने तीखा हमला करते हुए कहा, “यह बेहद हास्यास्पद है कि लोकतंत्र को लूटने का आरोप झेलने वाली पार्टी खुद लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है।” उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से देश के मतदाताओं को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की इस राजनीतिक मुहिम पर पूरा देश हंस रहा है।

वहीं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे पर भी वर्मा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को वाराणसी में अखिलेश यादव की एक बड़ी रैली होनी थी, लेकिन खराब मौसम और अन्य परेशानियों के कारण इसे रद्द कर दिया गया। अब, 3 नवंबर को अखिलेश यादव वाराणसी पहुंचेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान उन्हें बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “भाजपा समर्थित धार्मिक नेताओं और खुद को संत बताने वालों का पाखंड सामने आता रहता है। जो कोई भी भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच बंटवारा पैदा करने की कोशिश करता है, वह सच्चा धर्मगुरु नहीं हो सकता। ऐसा व्यक्ति केवल लोगों को गुमराह कर सकता है। धीरेंद्र शास्त्री की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच फूट डालने की कोशिश करने के लिए समाज के हर वर्ग को उनकी निंदा करनी चाहिए।”

इस तरह, सपा और कांग्रेस दोनों ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ तीखे बयान दिए हैं। उनका मानना है कि ऐसे बयानों से समाज में गलतफहमियां पैदा होती हैं और लोकतंत्र को कमजोर किया जाता है। इस पर राजनीतिक बहस और तीखी हो गई है, जिसका असर आगामी चुनावों पर भी देखने को मिल सकता है।

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