रणबीर कपूर ने 'कौन बनेगा करोड़पति' में साझा किया पिता ऋषि कपूर के साथ काम का दिल छू लेने वाला किस्सा

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Navbharat Times
मुंबई, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेता रणबीर कपूर हाल ही में अपने पिता ऋषि कपूर से जुड़े एक खास किस्से को साझा करने के लिए 'कौन बनेगा करोड़पति' शो पर गए। रणबीर ने इस दौरान बताया कि उनके पिता हमेशा उनके काम के लिए संतुष्ट नहीं होते थे और उनके विचारों ने उनके अभिनय सफर को प्रभावित किया। बातचीत में मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने रणबीर से ऋषि कपूर के साथ उनके रिश्ते के बारे में पूछा, जिससे यह भावुक किस्सा सामने आया।

अमिताभ बच्चन ने रणबीर से कहा, "रणबीर, हमने आपको एक छोटे बच्चे के तौर पर देखा है। आपके पिता ऋषि कपूर के साथ हमने बहुत काम किया है। जाहिर है कि एक पिता और बेटे का रिश्ता बहुत ही अद्भुत होता है। क्या कभी ऐसा कोई वाकया हुआ है जब ऋषि ने आपके काम की सराहना की हो?" इस पर, रणबीर ने बताया कि उनके पिता, जो एक बड़े अभिनेता थे, अक्सर उनकी फिल्मों को लेकर संतुष्ट नहीं होते थे।
उन्हें याद है कि जब ऋषि कपूर उनकी फिल्में देखते थे, तो वह कभी भी उनकी पसंद और किरदारों से खुश नहीं होते थे। रणबीर ने कहा, "जब पापा मेरी फिल्में देखते थे तो वो कभी मेरी चॉइस या मेरे किरदार से इतने खुश नहीं होते थे। उन्हें समझ नहीं आता था और मुझसे बोलते थे कि तुम ये कैसी फिल्में कर रहा है? वेक अप सिड, रॉकेट सिंह, बर्फी, तमाशा।"

रणबीर ने एक लाइन भी साझा की जो उनके परदादा पृथ्वीराज कपूर कहा करते थे, "कला देश की सेवा में।" उन्होंने कहा कि ऋषि कपूर इस लाइन को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। रणबीर ने बताया, "पापा कहते थे कि तुम कौन से देश की सेवा कर रहे हो?" उस समय उन्हें ये सब बातें समझ में नहीं आती थीं।

अपनी फिल्मों में अपने किरदार को सही समझने की कोशिश करते हुए, रणबीर ने यह महसूस किया कि उनके पिता अपने शब्दों के जरिए उन्हें सही दिशा में ले जा रहे थे।

लेखक ऋषि कपूर का नाम लेते हुए भावुक होते हैं। उन्होंने 2020 में कैंसर से लड़ाई के बाद दुनिया को अलविदा कहा। रणबीर और उनके पिता का रिश्ता हमेशा खट्टा-मीठा रहा है। इस किस्से के माध्यम से दर्शकों को यह भी जानने को मिला कि परिवार का रिश्ता कितना महत्वपूर्ण होता है, खासकर जब बात करियर की आती है।

आरंभ में उनकी अपनी बातों और राय को समझने में समय लगा, लेकिन वक्त के साथ उन्हें पापा के अनुभवों की महत्ता का एहसास हुआ। यह किस्सा दर्शाता है कि कैसे जीवन में रिश्ते और उनका प्रभाव होते हैं।

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