नोरा फतेही सुकेश चंद्रशेखर मामले में सिर्फ गवाह, आरोप से बाहर: लीगल टीम
नोरा फतेही सुकेश चंद्रशेखर मामले में सिर्फ गवाह, आरोप से बाहर: लीगल टीम
NewsPoint•
मुंबई, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेत्री नोरा फतेही को सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े एक मामले में आरोपी नहीं माना गया है। उनकी कानूनी टीम ने स्पष्ट किया है कि अदालत ने उन्हें केवल गवाह के तौर पर बुलाया है। नोरा की लीगल टीम के मुताबिक, वह जांच प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं। यह जानकारी 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सामने आई। इस दिन नोरा को गवाही देने के लिए पेश होना था, लेकिन उनकी कानूनी टीम ने बताया कि उन्हें समन बहुत कम समय पहले मिला था, जिससे वह पेश नहीं हो सकीं।
सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने अदालत में कहा कि पहले से तय की गई प्रोफेशनल कमिटमेंट के चलते नोरा हाजिर नहीं हो सकीं। बाद में उन्होंने व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दाखिल किया। अदालत ने इस आवेदन पर सुनवाई के बाद इसे 6 नवंबर के लिए टाल दिया और नोरा को पेश होने के लिए नया समन जारी किया।नोरा की कानूनी टीम ने एक बयान में कहा, "सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा ईओडब्ल्यू का मामला आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था। इस मामले में नोरा फतेही को गवाह के तौर पर समन भेजा गया था। उनके वकील कोर्ट में पेश हुए और बताया कि नोरा को बहुत कम समय पहले समन मिला था। पहले से तय प्रोफेशनल कमिटमेंट के कारण वे अदालत में उपस्थित नहीं हो सकीं।"
बयान में आगे कहा गया है, "व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए आवेदन दाखिल किया गया, जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 6 नवंबर 2026 तक टाल दी और नोरा को पेश होने के लिए नया समन जारी किया। यह स्पष्ट किया जाता है कि नोरा फतेही न तो इस मामले में आरोपी हैं और न ही उन पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप है। उन्हें केवल गवाह के तौर पर अदालत की कार्यवाही में मदद करने के लिए बुलाया गया है।"
यह मामला सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जो आरोप है कि उसने दिल्ली की रोहिणी जेल में रहते हुए करीब 200 करोड़ रुपए का वसूली रैकेट चलाया था। कहा जाता है कि उसने अपने आपको एक उच्च सरकारी अधिकारी बताकर लोगों से धोखाधड़ी की। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कर रही है। जांच के बाद, पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत चार्जशीट भी दाखिल की थी।
जांच के दौरान नोरा फतेही से भी पूछताछ की गई थी। उनसे सुकेश चंद्रशेखर और उनकी पत्नी लीना मारिया पॉलोस के साथ कथित संपर्कों को लेकर सवाल किए गए थे। इसके अलावा, मजिस्ट्रेट के सामने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत उनका बयान भी दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नोरा को अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर शामिल किया था।
इस पूरी घटनाक्रम से यह साबित होता है कि नोरा फतेही की स्थिति स्पष्ट है। वह न तो किसी अपराध में शामिल हैं और न ही उन्हें किसी भी प्रकार के आरोप का सामना करना पड़ रहा है। वह सिर्फ एक गवाह के रूप में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
इस पूरे मामले में, नोरा फतेही का पेश ना होना एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। अदालत में पेशी के लिए समय का प्रबंधन कभी-कभी जटिल हो सकता है, खासकर जब व्यक्ति के पास पहले से तय शेड्यूल हों। अब देखना यह है कि 6 नवंबर को सुनवाई में क्या नया मोड़ आता है। ऐसे में, नोरा अपनी प्रतिभा के साथ न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करती रहेंगी।