वेलावन सेंथिलकुमार ने चेक ओपन में ग्रेग लोबन को हराकर जीता 35,000 यूएसडी का खिताब

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भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी वेलावन सेंथिलकुमार ने 3 नवंबर को चेक गणराज्य में हुए चेक ओपन टूर्नामेंट का खिताब जीता। उन्होंने इस मुकाबले में स्कॉटलैंड के टॉप सीड खिलाड़ी ग्रेग लोबन को हराया। यह टूर्नामेंट पीएसए कॉपर-लेवल है और इसकी पुरस्कार राशि 35,000 अमेरिकी डॉलर है। सेंथिलकुमार ने फाइनल में मैच के चार गेम खेले, जिसमें उन्होंने 13-11, 11-5, 8-11, 11-7 से जीत हासिल की। यह उनकी पीएसए टूर पर 12वीं जीत है और इस दर्जे का उनके करियर का दूसरा खिताब है।

इस कड़े मुकाबले में सेंथिलकुमार ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले राउंड में ब्राजील के डिएगो गोब्बी को हराया। फिर क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना के आठवें सीड जेरेमियास अजाना को 11-3, 11-8, 11-7 से मात दी। सेमीफाइनल में उन्होंने फ्रांस के ऑगस्टे डूसॉर्ड को 11-7, 12-10, 11-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर, लोबन ने फ्रांस के तौफिक मेखाल्फी को सीधे गेम में हराकर फाइनल में एंट्री पाई।
फाइनल के पहला गेम काफी संघर्षपूर्ण रहा। सेंथिलकुमार ने इसे 13-11 से जीता। उसके बाद दूसरे गेम में उन्होंने 11-5 से जीत हासिल की। हालांकि, लोबन ने तीसरा गेम 11-8 से जीता। लेकिन सेनथिलकुमार ने चौथे गेम में वापसी करते हुए 11-7 से जीत हासिल की और खिताब अपने नाम किया।

सेंथिलकुमार की इस जीत के साथ ही उनकी हाल की उपलब्धियों की झड़ी लग गई। इससे पहले, उन्होंने जापान के आइची-नागोया में हुए एशियन गेम्स 2026 में भी शानदार प्रदर्शन किया और दो ब्रॉन्ज मेडल पाए थे। चेक ओपन की जीत ने उनके प्रदर्शन में निरंतरता को दर्शाया। सेंथिलकुमार अब लॉस एंजेलेस 2028 ओलंपिक में इस खेल के ओलंपिक डेब्यू की ओर बढ़ रहे हैं।

इस तरह, एक बड़ी जीत के बाद सेंथिलकुमार का स्क्वैश के मैदान में नाम रोशन हो गया है। उनके परिश्रम और मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी भारतीय उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

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