राम मंदिर ट्रस्ट का निर्णय: सभी कर्मचारियों के लिए केसरिया वस्त्र अनिवार्य, पारंपरिक व्यवस्थाओं का पालन

NewsPoint•
Navbharat Times
अयोध्या, 1 अक्टूबर। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य दिनेन्द्र दास ने राम मंदिर की परंपराओं और व्यवस्थाओं को लेकर ट्रस्ट के निर्णयों का समर्थन किया है। उन्होंने अभी हाल ही में बताया कि ट्रस्ट द्वारा किए गए सभी फैसले सभी के लिए मान्य होंगे। मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए केसरिया रंग के कपड़े पहनना अनिवार्य होगा।

दिनेन्द्र दास ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “ट्रस्ट जो भी फैसला लेगा, वह रामलला से जुड़े सभी लोगों को मंजूर होगा।” उन्होंने कहा कि रामलला की परंपरा को बनाए रखना सबसे सही है। सभी संतुष्ट हैं और वे उसी के अनुसार काम करेंगे।
विशेष रूप से उन्होंने पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों में शामिल लोगों की वेशभूषा पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर में पूजा करने वाले पुजारियों और सभी सेवकों को पारंपरिक कपड़े पहनना जरूरी है। इसमें केसरिया रंग के कपड़े भी शामिल हैं।

जब उनसे यह पूछा गया कि गणना करने वाले कर्मचारियों की वेशभूषा क्या होगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भी उसी परंपरा का पालन करेंगे। उन्होंने कहा, “उसी ढंग से उन लोगों को बुलाया जाएगा। जिस ढंग से पुजारी लोग वस्त्र पहनते हैं, उसी तरह वे भी नजर आएंगे।”

ट्रस्ट द्वारा कर्मचारियों से बायोडाटा मांगने के संबंध में उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पहले से चल रही थी। इसे बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, “इससे यह पता चलता रहेगा कि कौन कहां से आ रहा है और हमेशा पारदर्शिता बनी रहेगी।”

मंदिर की अन्य व्यवस्थाओं और दान से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने जोर दिया, “रामलला के यहां पूजा-पाठ सही ढंग से चल रहा है तो अपने आप सब ठीक हो जाएगा, सब ठीक ही रहेगा।”

खास बात यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट लगातार मंदिर की परंपराओं को बनाए रखने और कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए प्रयासरत है।