ईडी ने 734 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े में ज्ञानचंद और राज जायसवाल को गिरफ्तार किया
ईडी ने 734 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े में ज्ञानचंद और राज जायसवाल को गिरफ्तार किया
NewsPoint•
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 734 करोड़ रुपये के जीएसटी फर्जीवाड़े के मामले में जमशेदपुर के व्यवसायी ज्ञानचंद जायसवाल, जिसे बबलू जायसवाल के नाम से जाना जाता है, और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार को जमशेदपुर, आदित्यपुर, गम्हरिया और कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी के बाद की गई। दोनों को चिकित्सकीय जांच के बाद रांची ले जाया गया। गुरुवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
ईडी के अनुसार, इन पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी बिलों के माध्यम से बिना वास्तविक सामान की खरीद-बिक्री के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया। एजेंसी इस मामले में फर्जी कंपनियों के जरिए हुए लेन-देन और धन के प्रवाह की जांच कर रही है। बुधवार को की गई छापेमारी के दौरान ईडी ने ज्ञानचंद जायसवाल से जुड़ी संपत्तियों के अलावा उनके ऑडिटर संजय पारेख और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर भी जांच की। टीम ने कारोबारी दस्तावेज, जीएसटी से संबंधित रिकॉर्ड, बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन के कागजात तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।ईडी का यह कदम धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के अंतर्गत किया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि फर्जी कंपनियों और कागजी लेन-देन के माध्यम से बड़े पैमाने पर आईटीसी का गलत इस्तेमाल हुआ है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, ज्ञानचंद जायसवाल को जून 2024 में जीएसटी कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। ईडी की जांच में इस नेटवर्क से जुड़ी कई कंपनियों और फर्जी लेन-देन का भी पता चला है।
ईडी ने पहले भी इस मामले से संबंधित कुछ अन्य कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। अब, एजेंसी गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि कथित फर्जी जीएसटी लेन-देन और उससे जुड़े धन के प्रवाह की जानकारी प्राप्त की जा सके।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े के खिलाफ ईडी की कार्रवाई तेज हो गई है।