भारत का राजदूत दीपक मित्तल Dubai में कैप्टन स्मित मच्छार का हालचाल जानने पहुंचे

NewsPoint•
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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में, भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने 1 अक्टूबर को दुबई के एक अस्पताल में फ्लाईDubai के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। कैप्टन मच्छार का अस्पताल में अच्छे से इलाज चल रहा है। उन्हें हवा में हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। राजदूत ने बताया कि अब वह खुलकर बात कर रहे हैं और उनका मनोबल ऊँचा है। मित्तल ने कहा, “वह खुलकर बात कर रहे थे, मुस्कुरा रहे थे और हंस रहे थे। यह हमारे लिए और सबसे बढ़कर उनके परिवार के लिए बड़ी राहत की बात थी।”

कैप्टन मच्छार को आतंकवादी हमले के समय अपनी बहादुरी का परिचय देने के लिए पुरस्कृत किया गया है। राजदूत ने बताया कि वह सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर दुबई लाए गए थे। उन्होंने कहा, “कैप्टन स्मित ने असाधारण साहस और बहादुरी का परिचय देते हुए कई कीमती जानें बचाईं और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। हमें India के इस बहादुर बेटे पर बहुत गर्व है और हम उन्हें पूरा सहयोग और समर्थन देंगे।”
दीपक मित्तल ने कैप्टन मच्छार के परिवार को भी समर्थित संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। मित्तल ने कहा, “यूएई में India के राजदूत ने Dubai में कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए India Government के पूर्ण समर्थन और सहायता का भरोसा दिया।” राजदूत ने परिवार को उनकी बहादुरी और संघर्ष के लिए सराहा।

इस घटना की गंभीरता के कारण, कैप्टन मच्छार को एक अन्य पायलट द्वारा चाकू से हमला किया गया था। उस समय उनकी सूझबूझ ने कई यात्रियों की जान बचाई। उन्होंने हमलावर का डटकर सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद, यात्रियों ने हमलावर को पकड़ा। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार के परिवार से बातचीत की है। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की सराहना की और कहा, “उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाई।”

कैप्टन मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय मिशन पायलट को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। कैप्टन मच्छार को गंभीर रूप से घायल होने के बाद, विमान का सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराना पड़ा। साथ ही, उन सभी को जो इस घटना से प्रभावित हुए हैं, उन सभी का समर्थन किया जा रहा है।

कैप्टन मच्छार ने दिखाया कि परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, साहस और मनोबल से हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। उनका यह साहस न केवल उनके लिए बल्कि भीड़ में बैठें यात्रियों के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ। अब वह धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं और इस कठिन दौर में उनका मनोबल बहुत जरूरी है।

इस घटना ने हमें यह भी सिखाया है कि जीवन में कभी भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। हम सभी को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। भारत सरकार भी अपने नागरिकों के लिए हरसंभव मदद करने के लिए तत्पर है। कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी हमें प्रेरित करती है कि हम कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं।

इस तरह के साहसिक कार्य हमारे अब तक के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। कैप्टन मच्छार और उनके परिवार को हमारी ओर से ढेरों शुभकामनाएँ।