सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारत-जापान संबंधों को बताया विश्वास की विरासत और आर्थिक साझेदारी का प्रतीक

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Navbharat Times
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और जापान के बीच मित्रता को विश्वास और विकास की साझेदारी बताया। यह बात उन्होंने 7 अक्टूबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखी। इस दिन 'आबे मेमोरियल कॉरिडोर' का लोकार्पण काशी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इस दोस्ती का आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच मित्रता अब आर्थिक साझेदारी में बदल रही है। उत्तर प्रदेश ने जापानी कंपनियों के साथ लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के समझौते किए हैं।
सीएम योगी ने आगे कहा, "भारत और जापान के बीच संबंध विश्वास की विरासत और विकास की साझेदारी पर आधारित हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि काशी और क्योटो के बीच का संबंध इस दोस्ती को और गहरा कर रहा है। काशी और क्योटो दोनों प्राचीन शहर हैं, जो धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर साझा करते हैं।

उन्होंने कहा, "काशी से क्योटो तक, आस्था से अर्थव्यवस्था तक, यह मित्रता अब साझी समृद्धि की नई राह बना रही है।" काशी-क्योटो साझेदारी ने भारत-जापान दोस्ती को सांस्कृतिक जुड़ाव के माध्यम से आगे बढ़ाया है। यह विरासत संरक्षण, पर्यटन और विकास के साझा मॉडल को भी विकसित कर रहा है।

इस विशेष मौके पर मुख्यमंत्री योगी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। नितिन नवीन की यह पहली जनसभा होगी। सभा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और यूपी भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल होंगे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावे, मुख्यमंत्री ने 'रैपिड एक्शन फोर्स' (RAF) के स्थापना दिवस पर भी जवानों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "विषम परिस्थितियों में अपने अदम्य साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा में समर्पित रैपिड एक्शन फोर्स के स्थापना दिवस की सभी वीर जवानों एवं उनके परिजनों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।"

योगी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय अखंडता को अक्षुण्ण रखने एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने में RAF के जवानों का योगदान अत्यंत सराहनीय है।

इस प्रकार, 7 अक्टूबर का दिन न केवल भारत-जापान मित्रता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह कार्यक्रम यूपी की विकास यात्रा में भी एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।