युक्ता मुखी: 1999 में मिस वर्ल्ड जीतने वाली भारतीय महिला की प्रेरणादायक कहानी

NewsPoint•
1999
युक्ता मुखी का नाम आज भी उन भारतीय महिलाओं में लिया जाता है, जिन्होंने देश को जीनियस ब्यूटी पेजेंट में गर्वित किया। युक्ता ने 1999 में मिस वर्ल्ड का ताज अपने नाम किया था। उस समय उनकी उम्र करीब 20 साल थी। इस जीत के पीछे उनके परिवार की एक भावुक कहानी है, खासकर उनकी दादी की। उनके लिए युक्ता का मिस वर्ल्ड बनना एक सपने के सच होने जैसा था।

युक्ता का जन्म 7 अक्टूबर 1977 को मुंबई में हुआ। उनके परिवार की जड़ें भारत-पाकिस्तान के विभाजन से जुड़ी हैं। इस बंटवारे के दौरान उनके परिवार ने काफी कठिनाइयों का सामना किया। युक्ता ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी दादी ने परिवार के लिए कितनी मेहनत की और कठिन समय में अपने बच्चों का सहारा बनीं। युक्ता के मन में अपनी दादी के लिए हमेशा खास सम्मान रहा।
जब युक्ता ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भाग लिया, तो वह चाहती थीं कि उनकी दादी यह पल देखें। आखिरकार 1999 में वह पल आया जब युक्ता ने मिस वर्ल्ड का ताज जीता। हालांकि, उस समय उनकी दादी की तबीयत ठीक नहीं थी। उन्हें गठिया की समस्या थी, जिससे चलने-फिरने में कठिनाई होती थी। फिर भी, उन्होंने लंदन जाकर अपनी पोती की इस बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाया।

युक्ता के मिस वर्ल्ड बनने के बाद उनकी तस्वीरें चारों ओर छा गईं। भारत में भी उनके नाम की चर्चा होने लगी। वह खूबसूरती और आत्मविश्वास के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने लगीं। लेकिन युक्ता की कहानी सिर्फ ताज जीतने तक सीमित नहीं रही।

मिस वर्ल्ड बनने के बाद युक्ता ने फिल्म इंडस्ट्री में भी कदम रखा। उन्होंने 2001 में तमिल फिल्म 'पूवेल्लम उन वसम' में काम किया। इसके बाद 2002 में बॉलीवुड फिल्म 'प्यासा', 2006 में 'लव इन जापान' और 'कटपुतली' में भी नजर आईं। 2007 और 2008 में उन्होंने 'मेमसाहब' में भी काम किया।

युक्ता की जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने खुद को दूसरी चीजों से जोड़ा। उन्हें योग और शास्त्रीय संगीत से भी लगाव रहा। धीरे-धीरे उन्होंने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली और अपने जीवन को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ाया।

इस तरह, युक्ता मुखी ने न केवल एक ब्यूटी पेजेंट जीती, बल्कि अपनी जिजीविषा और संघर्षों से सभी को प्रेरित किया। उनकी कहानी आज भी महिलाओं के लिए एक मिसाल है।