लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के विवादित पोस्टर, सपा और कांग्रेस के नेताओं पर आरोप
लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के विवादित पोस्टर, सपा और कांग्रेस के नेताओं पर आरोप
NewsPoint•
लखनऊ, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'सनातन रक्षा संगठन' ने विवादित पोस्टर लगाए हैं। ये पोस्टर 1090 चौराहे और कई प्रमुख जगहों पर देखे गए हैं। इनमें समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के नेताओं की तस्वीरें हैं। साथ ही, इसमें अपराधियों की तस्वीरें भी दिख रही हैं। माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के साथ सपा नेता आजम खान, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को "सनातन भारत के विरोधी रावण" और "सनातन भारत का दुश्मन" बताया गया है। इस पर सपा कार्यकर्ताओं ने गुस्से में आकर पोस्टर फाड़ दिए। सपा ने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की साजिश करार दिया है।
सपा के सांसद अवधेश प्रसाद का कहना है कि जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, भाजपा की घबराहट बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "भाजपा अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वसनीयता को लेकर चिंतित है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, उनकी घबराहट बढ़ती जा रही है। इसलिए पोस्टर, झूठे बयानों और गुमराह करने वाले दावों के जरिए ऐसी हरकतें की जा रही हैं। हालांकि, उनकी ये सारी कोशिशें नाकाम रहेंगी। जनता सब समझती है।"लखनऊ में सपा के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सनातन रक्षा संगठन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह संगठन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। फखरुल हसन ने कहा, "ये संगठन पहले एक राजनीतिक संगठन था, जिस पर ईडी की कार्रवाई हुई थी। ईडी की कार्रवाई के बाद ही भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर नया संगठन बना लिया गया। ये भाजपा के लिए काम करता है। एजेंसियों से बचने के लिए काम करता है।" उन्होंने यह भी कहा, "विपक्ष को कैसे बदनाम किया जाए, इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के पास इसी तरह के हथियार हैं। यह निचले स्तर की राजनीति है। जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया था और 2027 में भाजपा को उत्तर प्रदेश से साफ कर देंगे।"
सपा नेता डॉ. इंद्रसेन ने इस विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी का ये जो कृत्य है, वह बताता है कि उनके अंदर कितनी गंदगी भरी है। उन्होंने कहा, "भगवान राम ने धन-संपत्ति छोड़कर अपने पिता के सम्मान के लिए वन गमन किया था। वन में उन्होंने भील, केवट समेत सभी जातियों को गले लगाया और उसी के बल पर लंका पर विजय प्राप्त की।" उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के लोग भगवान राम के आदर्शों पर नहीं चलते और धर्म का सिर्फ सियासी लाभ लेने की जुगत में रहते हैं।
इस घटनाक्रम से पता चलता है कि कैसे राजनीतिक दल एक-दूसरे के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सपा इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर आरोप लगा रही है। भाजपा पर आरोप है कि वह विपक्ष को कमजोर करने के लिए ऐसे विवादित पोस्टर का सहारा ले रही है। यह दर्शाता है कि यूपी की राजनीति कितनी गर्मा गई है। ऐसे मामलों का असर जनता पर भी पड़ता है और यह चुनावों की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है।
यह पूरा विवाद लखनऊ की राजनीति में अब नया मोड़ लाने वाला है और सभी पार्टियों की नजरें एक-दूसरे पर हैं। यह देखना होगा कि इस मसले पर और क्या प्रतिक्रियाएं आती हैं।