वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर ने पश्चिम बंगाल में अष्टमी पर शराबबंदी और यूपी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई का स्वागत किया

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Navbharat Times
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की अष्टमी पर शराब और मांसाहार पर लगी रोक का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज की मान्यताओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के कानून की सर्वोच्चता संबंधी रुख और उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई का भी समर्थन किया। नायर ने इस बात पर जोर दिया कि देश में संविधान और कानून सभी नागरिकों से ऊपर हैं और उनका पालन हर किसी को करना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की अष्टमी के दिन शराब और मांसाहार पर पाबंदी लगाने के सरकारी फैसले पर श्रीराज नायर ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद इस कदम का तहे दिल से स्वागत करती है। यह हिंदू समाज की एक पुरानी मांग थी, जिसे अब पूरा किया गया है। नायर ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने हिंदू धार्मिक उत्सवों को उनके असली धार्मिक महत्व से हटाकर सिर्फ मनोरंजन का जरिया बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और उससे पहले की वामपंथी सरकारों पर हिंदू मान्यताओं और साधु-संतों का सम्मान न करने का इल्जाम लगाया। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने धार्मिक भावनाओं और पूजा-पद्धतियों का सम्मान करने की दिशा में सही कदम उठाया है। नायर ने यह भी कहा कि वैसे भी साल में कई दिन शराबबंदी वाले 'ड्राई डे' होते हैं, ऐसे में अष्टमी के दिन सिर्फ एक दिन की रोक से किसी को कोई खास परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार के इस फैसले को बिल्कुल सही ठहराया और अपना पूरा समर्थन दिया।
श्रीराज नायर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले का भी स्वागत किया, जिसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में कानून ही सबसे बड़ा है और हर नागरिक को इसका पालन करना ही होगा। नायर ने यह भी कहा कि कुछ लोग संविधान और कानून की बातें तो करते हैं, लेकिन असल जिंदगी में उनका पालन नहीं करते। उन्होंने कुछ धार्मिक नेताओं पर शरिया कानून को ज्यादा महत्व देने का आरोप लगाया और साफ कहा कि देश का संविधान और कानून ही सर्वोपरि हैं। सिर्फ संविधान की किताब दिखाना या उसकी तस्वीर लेकर घूमना काफी नहीं है, बल्कि उसके नियमों और प्रावधानों का पालन करना जरूरी है। नायर ने हाई कोर्ट द्वारा संबंधित याचिका को खारिज करने के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के खिलाफ भीड़ का इस्तेमाल करके दबाव बनाने की कोशिशों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच, श्रीराज नायर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने सपा पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के पिछले शासनकाल में भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं। नायर ने इकरा हसन का नाम लेते हुए भी राजनीतिक तुष्टीकरण से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने सपा के पुराने शासनकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए और गंभीर आरोप लगाए कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है।

उत्तर प्रदेश में मस्जिदों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर वीएचपी प्रवक्ता ने कहा कि प्रशासन ने अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को इस कार्रवाई से आपत्ति है, तो वह अदालत जा सकता है। नायर ने यह भी कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ दूसरे राज्यों में भी इसी तरह के नियमों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीएचपी इस तरह की कार्रवाई का समर्थन करती है।

इस दौरान, श्रीराज नायर ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा शुरू की गई जांच का भी स्वागत किया। उन्होंने दावा किया कि इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जब मंदिरों को तोड़कर उनकी जगह दूसरी धार्मिक इमारतें बनाई गईं। उन्होंने कहा कि मौजूदा मामले में प्रशासन ने अपनी योजना के तहत कार्रवाई की है और यह वीएचपी की मांग के कारण नहीं हुई है। खुदाई के दौरान कुएं से कथित तौर पर प्राचीन चित्र और हिंदू अवशेष मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने मांग की कि एएसआई को पूरी आजादी के साथ वैज्ञानिक तरीके से जांच करनी चाहिए। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएं, उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुरातात्विक दावों का अंतिम निष्कर्ष केवल वैज्ञानिक जांच और संबंधित संस्थाओं की रिपोर्ट के आधार पर ही तय होना चाहिए।