नरेला प्रॉपर्टी डीलर हत्या: हिमांशु भाऊ गैंग के तीन अपराधी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, दो पर था इनाम

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 9 सितंबर: उत्तरी दिल्ली के नरेला इलाके में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। ये अपराधी हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है। दो आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। पुलिस को खबर मिली थी कि ये बदमाश मोटरसाइकिल पर किसी वारदात को अंजाम देने जा रहे हैं। स्पेशल स्टाफ रोहिणी की टीम ने फौरन जाल बिछाया और उन्हें पकड़ने के लिए मोर्चा संभाला। जैसे ही तीनों बदमाश मोटरसाइकिल पर पहुंचे, पुलिस ने उन्हें सरेंडर करने को कहा। लेकिन, बदमाशों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने अपनी जान बचाने के लिए जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। घायल बदमाशों को पकड़कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि बदमाशों ने करीब 11 से 12 राउंड गोलियां चलाईं, जबकि पुलिस ने 6 राउंड फायर किया। गनीमत रही कि पुलिसकर्मियों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे वे बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने तीनों को दबोच लिया। इनमें से एक नाबालिग है, जबकि बाकी दो दीपक और नितिन हैं। मामले की जांच अभी जारी है।
यह घटना 3 सितंबर को नरेला में हुई थी, जब प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रमोद हरियाणा के सोनीपत जिले के राई के नाहरी गांव के रहने वाले थे। उन्हें नरेला के बांकनेर में एक जिम के बाहर तीन अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी थी। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए थे। गोली लगने से प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पुलिस के लिए यह एक बड़ी कामयाबी है। हिमांशु भाऊ गैंग दिल्ली-एनसीआर में अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इस गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी से इलाके में अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए बदमाशों से पूछताछ कर रही है ताकि उनके बाकी साथियों और भविष्य की योजनाओं का पता लगाया जा सके। यह मुठभेड़ पुलिस की तत्परता और बहादुरी का प्रमाण है। पुलिस ने जिस तरह से सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की और बदमाशों को गिरफ्तार किया, वह सराहनीय है।

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल हत्यारों को पकड़ा, बल्कि उन्हें मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। यह दिखाता है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ कितनी सख्ती से पेश आ रही है। गिरफ्तार किए गए बदमाशों पर पहले से ही इनाम घोषित था, जिससे उनकी तलाश पुलिस के लिए प्राथमिकता थी। इस मुठभेड़ से यह भी साफ होता है कि अपराधी पुलिस को देखकर रुकने वाले नहीं हैं, वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। ऐसे में पुलिस को भी अपनी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने पड़ते हैं।

प्रमोद कुमार की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा लग रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हत्या के पीछे क्या वजह थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में अक्सर विवाद होते रहते हैं, लेकिन इस तरह की निर्मम हत्याएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के मन में खौफ पैदा करेगी और आम जनता को सुरक्षा का अहसास कराएगी।