रायचूर में गणेश मूर्ति के नीचे दबकर युवक की दर्दनाक मौत, बिजली के तार से हुआ हादसा
रायचूर में गणेश मूर्ति के नीचे दबकर युवक की दर्दनाक मौत, बिजली के तार से हुआ हादसा
NewsPoint•
रायचूर जिले में गणेश की मूर्ति के नीचे दबकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार तड़के सिरवार तालुक के अट्टानूर गांव में हुई। प्रेम कुमार (23) नाम का यह युवक हैदराबाद से गणेश जी की एक बड़ी मूर्ति ला रहा था, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मौत के असली कारण का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
यह दुखद घटना शुक्रवार तड़के करीब 2:30 बजे हुई जब प्रेम कुमार अपने दोस्तों के साथ हैदराबाद से लाई गई गणेश जी की मूर्ति को अट्टानूर गांव ले जा रहा था। बताया जा रहा है कि मूर्ति का आकार काफी बड़ा था और वह बिजली के तार के संपर्क में आ गई। इस संपर्क के कारण जोरदार झटका लगा और संतुलन बिगड़ने से विशाल मूर्ति प्रेम कुमार पर गिर गई। इस हादसे में प्रेम कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।प्रेम कुमार दो दिन पहले ही अपने दोस्तों के साथ गणेश जी की मूर्ति लेने हैदराबाद गया था। शुक्रवार की सुबह जब वे मूर्ति को गांव ला रहे थे, तभी यह भयानक दुर्घटना घटी। शव को पोस्टमार्टम के लिए रायचूर के आरआईएमएस अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत बिजली का झटका लगने से हुई या मूर्ति गिरने से लगी गंभीर चोटों के कारण। सिरवार पुलिस स्टेशन में इस मामले को दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब गणेशोत्सव के दौरान मूर्ति से जुड़ा कोई हादसा हुआ हो। इसी तरह की एक घटना पिछले अगस्त में महाराष्ट्र के मुंबई में भी हुई थी। मुंबई के भुलेश्वर में 'भुलेश्वर चा राजा' के नाम से मशहूर 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा को ले जाते समय संतुलन बिगड़ गया था और मूर्ति गिर गई थी। इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी और पांच अन्य लोग घायल हो गए थे। मृतकों की पहचान 33 वर्षीय संकेत नेवशे और 30 वर्षीय बृजेश हेमंत जोशी के रूप में हुई थी। वहीं, वैभव घेनांद (38), पवन चौरसिया (25), लावण्या गनेर (5), दिव्या गनेर (7) और कुणाल काशिद (26) इस हादसे में घायल हुए थे।
गौरतलब है कि गणेशोत्सव का त्योहार 14 सितंबर से शुरू होने वाला है। यह दस दिनों तक चलने वाला एक प्रमुख त्योहार है, जिसमें लोग अपने घरों के साथ-साथ सार्वजनिक पंडालों में भी गणेश भगवान की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। इसी उत्सव की तैयारियों के चलते गणेश जी की मूर्तियां अभी से विभिन्न पांडालों में पहुंचाई जा रही हैं। ऐसे में, मूर्तियों को ले जाते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है ताकि इस तरह की दुखद घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस और आयोजक दोनों ही इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मूर्तियों के परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए। बिजली के तारों से दूरी बनाए रखना और मूर्ति को सुरक्षित तरीके से उठाना, ये कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर ध्यान देना आवश्यक है।