भारतीय क्रिकेट टीम ने जापान के राजदूत से की मुलाकात, सुजुकी कप में पहली बार भिड़ेंगी टीमें

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नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास और कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्यों ने बुधवार को भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची से मुलाकात की। यह खास मुलाकात 'सुजुकी कप' से ठीक पहले हुई, जिसमें भारत और जापान की पुरुष टीमें 22 सितंबर को तोचिगी प्रान्त के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में पहली बार टी20 मैच में भिड़ेंगी। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच खेल संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। राजदूत ओनो ने मन्हास और भारतीय टीम को 'दारुमा' भेंट किया, जिसे जापान में सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए मन्हास ने इस अवसर को बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह तब हो रहा है जब क्रिकेट जापान में नए दर्शकों तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है। मन्हास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज दिल्ली में टीम इंडिया के साथ भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची से मिलकर खुशी हुई। यह एक खास पल है, क्योंकि क्रिकेट जापान में नए दर्शकों तक पहुंच रहा है। यह जय शाह की उस दूरदर्शिता को भी दर्शाता है, जिसमें हमारे खेल को नई जगहों तक ले जाने और इसे सच में ग्लोबल बनाने की बात कही गई है। हमें इस विजन को आगे बढ़ाने और दुनिया के नए हिस्सों में क्रिकेट की मौजूदगी को मजबूत करने पर गर्व है। इस ऐतिहासिक मैच और एशियन गेम्स के लिए उत्साह बढ़ रहा है।"
राजदूत ओनो ने भी मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं और भारतीय टीम से मिलकर खुशी जताई। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "दोस्ती की नई पारी, बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास और कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम इंडिया से मिलकर खुशी हुई। 22 सितंबर को सानो, तोचिगी, जापान में होने वाले सुजुकी कप - भारत-जापान 75वीं वर्षगांठ क्रिकेट मैच का बेसब्री से इंतजार है। 20वें एशियन गेम्स के लिए शुभकामनाएं।"

सुजुकी कप का आयोजन भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के जश्न के तौर पर किया जा रहा है। यह 'स्पोर्ट 75' पहल का पहला कदम भी है। इस पहल का मकसद दोनों देशों के बीच खेल के क्षेत्र में आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना है। यह जापान में भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होगा। दोनों टीमें पहली बार क्रिकेट के मैदान पर एक-दूसरे का सामना करेंगी।

यह मैच 2026 एशियन गेम्स में पुरुषों के क्रिकेट टूर्नामेंट के शुरू होने से कुछ दिन पहले हो रहा है। भारत और जापान दोनों ही इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। भारत इस मैच का उपयोग इस बड़े टूर्नामेंट के लिए अपनी तैयारियों को परखने के लिए करेगा। यह मैच दोनों देशों के बीच खेल कूटनीति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने इस मुलाकात को क्रिकेट के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि कैसे क्रिकेट दुनिया के नए कोनों तक पहुंच रहा है। मन्हास ने जय शाह के उस विजन का भी जिक्र किया, जिसमें खेल को वैश्विक बनाने की बात कही गई है। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि वे इस विजन को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

जापान के राजदूत ओनो केइची ने भी इस मौके पर खुशी जाहिर की। उन्होंने भारतीय टीम को 'दारुमा' भेंट किया, जो जापान में सौभाग्य का प्रतीक है। यह भेंट दोनों देशों के बीच दोस्ती और अच्छे संबंधों का प्रतीक है। राजदूत ओनो ने 22 सितंबर को होने वाले मैच का बेसब्री से इंतजार करने की बात कही।

यह मैच सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों को मजबूत करने का एक मंच भी है। 'स्पोर्ट 75' पहल के तहत ऐसे और भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पहल दोनों देशों के युवाओं को खेल के माध्यम से जोड़ने में मदद करेगी।

भारतीय टीम के लिए यह मैच एशियन गेम्स की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम होगा। टीम इंडिया इस मैच में अपनी रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन कर सकेगी। यह मैच जापान में क्रिकेट को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह ऐतिहासिक मुकाबला कैसा रहता है और यह दोनों देशों के बीच खेल संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।