नगांव उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा को जीत का भरोसा, अल्पसंख्यक क्षेत्रों से भी समर्थन की उम्मीद

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Navbharat Times
गुवाहाटी, 16 सितंबर: असम की नगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने जीत का पूरा भरोसा जताया है। उनका कहना है कि उन्हें अल्पसंख्यक बहुल इलाकों सहित पूरे निर्वाचन क्षेत्र से जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। भाजपा इस मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्हें अपनी जीत पर कोई शक नहीं है। शर्मा ने अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को भी शुभकामनाएं दीं।

देवाशीष शर्मा ने नगांव की जनता, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, मंत्रियों और विधायकों का चुनावी तैयारियों में मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने मतदाताओं से भावनात्मक मुद्दों से ऊपर उठकर विकास और जनहित को प्राथमिकता देने की अपील की। शर्मा ने कहा कि भविष्य को देखते हुए लोगों को विकास के आधार पर ही अपना फैसला लेना चाहिए। उन्हें पूरा विश्वास है कि अल्पसंख्यक इलाकों के लोग भी विकास चाहते हैं और भाजपा सरकार उनकी उम्मीदों को पूरा करने में सक्षम है। उनका मानना है कि पार्टी को अल्पसंख्यक मतदाताओं का भी अच्छा साथ मिलेगा और भाजपा उपचुनाव में शानदार प्रदर्शन करेगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब नगांव उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस, एआईयूडीएफ और अन्य राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में लगे हुए हैं। भाजपा की रणनीति अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में अपनी पैठ बढ़ाना और विकास को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाना है, जिसे इस चुनाव में काफी अहम माना जा रहा है। असम की राजनीति में नगांव सीट के महत्व को देखते हुए इस उपचुनाव पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

देवाशीष शर्मा का यह दावा एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के दावे से अलग है, जिन्होंने इस सीट पर अपनी जीत का भरोसा जताया है। नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह उपचुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि 2019 और 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने और फिर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के कारण यह सीट खाली हुई थी।

भाजपा के लिए नगांव सीट पर जीत सिर्फ एक उपचुनाव की सफलता नहीं होगी, बल्कि यह उन इलाकों में पार्टी के बढ़ते प्रभाव का भी संकेत देगी जहां पारंपरिक रूप से कांग्रेस का दबदबा रहा है। भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि अल्पसंख्यक क्षेत्रों के लोग भी विकास चाहते हैं। भाजपा सरकार उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम है। पार्टी को अल्पसंख्यक मतदाताओं का भी अच्छा समर्थन मिलेगा और भाजपा उपचुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगी।"

यह चुनाव असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। भाजपा इस सीट को जीतकर यह साबित करना चाहती है कि वह उन इलाकों में भी अपनी पकड़ बना सकती है जहां उसका पारंपरिक वोट बैंक कमजोर रहा है। वहीं, कांग्रेस और एआईयूडीएफ जैसी पार्टियां अपनी पारंपरिक सीटों को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं। नगांव सीट पर जीत हार का फैसला इन सभी पार्टियों के भविष्य की रणनीति पर असर डाल सकता है।

मतदाताओं से अपील करते हुए देवाशीष शर्मा ने कहा, "केंद्र और असम में भाजपा सरकारों ने विकास के लिए बहुत काम किया है। हमें भविष्य को ध्यान में रखते हुए विकास के आधार पर फैसला करना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि वे अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हैं, लेकिन उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा है।

नगांव लोकसभा सीट का इतिहास भी दिलचस्प है। 2019 और 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की थी। कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी छोड़ने के बाद यह सीट खाली हुई। अब भाजपा इस सीट पर कब्जा जमाकर अपनी राजनीतिक ताकत को और बढ़ाना चाहती है। यह उपचुनाव भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है।